Religious And Spiritual News – रक्षा बंधन के दिन करें ये 5 अचूक उपाय, दूर होगी गरीबी  संकट होगे खत्म

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रक्षा बंधन का त्योहार श्राणव माह की पूर्णिमा को आता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 22 अगस्त 2021 रविवार को आ रहा है। बहुत से लोग इस दिन राखी बांधने के अलावा घर से दरिद्रता मिटाने और संकट को समाप्त करने के सरल उपाय भी करते हैं। आओ ऐसे ही कुछ 5 उपाय जानते हैं।
1. दरिद्रता दूर करने के लिए अपनी बहन के हाथ से गुलाबी कपड़े में अक्षत, सुपारी और एक रुपए का सिक्का ले लें। इसके बाद अपनी बहन को वस्त्र और मिठाई उपहार और रुपये दें और चरण छूकर उसका आशीर्वाद लें। दिए गए गुलाबी कपड़े में लिया गया सामान बांधकर उचित स्थान पर रखने से घर की दरिद्रता दूर हो जाएगी।
2. एक दिन एकाशना करने के उपरांत रक्षाबंधन वाले दिन शास्त्रीय विधि-विधान से राखी बांधते हैं। फिर साथ ही पितृ-तर्पण और ऋषि-पूजन या ऋषि तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद और सहयोग मिलता है जिससे जीवन के हर संकट समाप्त हो जाते हैं।

3. रक्षा बंधन का त्योहार पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है पूर्णिमा के देवता चंद्रमा है। इस तिथि में शिवजी के साथ चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्‍य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है। यह सौम्या तिथि हैं। दोनों की पूजा करने से घर में शांति और समृद्धि का वास होता है।

4. कहते हैं कि रक्षा बंधन पर हनुमानजी को राखी बांधने से वे भाई बहनों के क्रोध को शांत करके उनमें आपसी प्रेम को बढ़ा देते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन गणेशजी की पूजा करने से भाई-बहन के रिश्‍ते में प्‍यार बढ़ जाता है। इस दिन बहन को हर तरह से खुश रखने और उसे उसका मनपसंद उपहार देने से भाई के जीवन में भी गई खुशियां लौट आती हैं।

5. आपको यदि ये लगता है कि मेरे भाई को किसी की नजर लग गई है तो आप इस दिन फिटकरी को अपने भाई के उपर से सात बार वार कर उसे किसी चौराहे पर फेंक आएं या चूल्हे की आग में जला दें। इससे नजर दोष दूर हो जाएगा।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।