International desk – फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप का सर्वर हुआ डाउन, जुकरबर्ग को 7 अरब डॉलर का नुकसान

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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अरबपतियों की लिस्ट में नीचे खिसके जुकरबर्ग

इंटरनेशनल डेस्क: फेसबुक के सह-संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने उसके तीनों प्लेटफॉर्मों फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की सेवाओं में हुई परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा कि सेवाएं फिर से ऑनलाइन हो गई है। वहीं फेसबुक डाउन होने से जुकरबर्ग को व्यक्तिगत रूप से भारी नुकसान हुआ है। फेसबुक डाउन होने से उनके नेटवर्थ में कुछ ही घंटों में 7 अरब डॉलर (करीब 52 हजार करोड़ रुपए) की गिरावट आ गई और जुकरबर्ग अरबपतियों की लिस्ट में एक पायदान नीचे लुढ़क गए।

सोमवार को भारतीय समयानुसार रात 10 बजे के आसपास दुनियाभर में फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप (Facebook, Instagram, Whatsapp), अमेरिकी टेलीकॉम कंपनियां जैसे Verizon, At&t और T Mobile की सर्विस भी घंटों तक ठप्प रहीं।

फेसबुक के शेयरों में गिरावट
फेसबुक डाउन होने के कारण सिलिकॉन वैली स्थित फर्म फेसबुक के शेयरों में लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट भी आई। जुकरबर्ग का नेटवर्थ घटकर 120.9 अरब डॉलर रह गया और वह बिल गेट्स से नीचे 5वें स्थान पर पहुंच गए. पहले वह इस लिस्ट में चौथे स्थान पर थे।

फेसबुक ने ट्विटर पर मांगी माफी
फेसबुक ने सोमवार रात ट्विटर पर माफी मांगते हुए कहा कि दुनिया भर के लोगों और व्यवसायों के विशाल समुदाय जो हम पर निर्भर हैं.. उनके लिए हमें खेद है। हम अपनी ऐप और सेवाओं तक पहुंच बहाल करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं और यह जानकारी देकर खुशी हो रही है कि वे अब ऑनलाइन वापस आ रही हैं। संयम रखने के लिए आप सभी का शुक्रिया।”
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।