National News – आसमान पर पहुंची महंगाई: आम आदमी को फिलहाल राहत नहीं

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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देश आज महंगाई का दंश झेल रहा है. आपकी थाली से लेकर, आपका ऑफिस जाना, घूमना, फ्लाइट टिकट तक की कीमतें बढ़ती जा रही हैं. वहीं आम जनता के सामने आज सबसे बड़ी उलझन है कि क्या दिवाली में दिवाला निकलने वाला है.

आपको आज हम सिलसिलेवार तरीके से बताएंगे कि आखिर किसमें कितनी कीमत बढ़ गई आपका महीने का बजट उससे कितना प्रभावित हुआ है. सबसे पहले आपके गाड़ी के ईंधन की बात कर लेते हैं.

सिर्फ अक्टूबर महीने में 22 दिनों में 17 दिन पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ी है. 17 दिन में पेट्रोल में 5.25 रुपये 17 दिन में डीजल में 5.75 रुपये का इजाफा हुआ है. इसके अलावा 17 दिन में सीएनजी में 4.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही घरेलू पीएनजी भी 2.50 रुपये महंगी हो चुकी है.

हर महीने के पेट्रोल का खर्च

पेट्रोल कार पर महीने का खर्च जो पहले 4,000 रुपये का पड़ता था अब 6,000 रुपये से ज्यादा हो गया है. पेट्रोल बाइक पर महीने का खर्च जो पहले 2,500 रुपये था अब 4,500 रुपये हो गया है. अब आपकी वेजिटेरियन थाली की बात करें तो जो पहले 80 रुपये में थी, अब 120 रुपये से लेकर 180 रुपये तक हो चुकी है.

हरी सब्जियों के दाम में उछाल
हरी सब्जियों की कीमत में 50 से 100 फीसदी का इजाफा हो गया है. शिमला मिर्च जहां पहले 80 रुपये में थी जो अब 120 रुपये किलो हो गई यानी 40 रुपये बढ़ गए हैं. टमाटर 30 रुपये किलो था अब 60 रुपये किलो, आलू पहले जो 15 रुपये किलो था अब 20 रुपये किलो, अरबी पहले से ही 60 रुपये किलो है. लौकी जो पहले 40 रुपये किलो के भाव पर बिक रही थी आज 60 रुपये किलो हो गई है. भिंडी की कीमत पहले से ही 40 रुपये किलो चल रही है. करेला जो पहले 40 में था आज 60 रुपये किलो में बिक रहा है. गोभी जो 60 रुपये किलो था आज 80 रुपये किलो तक कीमत हो गई है. बैगन जो पहले 40 रुपये किलो था आज 60 रुपये किलो हो चुका है प्याज की कीमत 30 से 35 रुपये में थी आज 50 रुपये किलो तक हो गई है. बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा खाद्य तेल के ऊपर लगने वाली आयात शुल्क में कटौती का भी खास असर दिखाई नहीं पड़ रहा है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।