कोरोना वायरस के प्रकोप के लंबे समय बंद पड़े स्कूल विभिन्न राज्यों में खुलने ही लगे थे कि फिर से वायरस का नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है।
वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 का यह नया वैरिएंट भारत में भी प्रवेश कर चुका है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के दो मामलों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
ऐसे में विभिन्न राज्यों में स्कूल खुले होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है। अधिकतर अभिभावक यह सोचकर चिंतित हैं कि क्या फिर से लॉकडाउन होगा, क्या स्कूल बंद हो जाएंगे।
हालांकि, अभी स्कूल बंद होने और दोबारा लॉकडाउन लगने के आसार कम हैं। इस बीच, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सरकारों को कुछ सुझाव दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है, लंबे समय तक स्कूलों को बंद करने से पहले सरकारों को सोच-समझकर योजना बनाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रॉन को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में नामित किया गया था, जो कोरोनो वायरस वैरिएंट की चिंता के लिए शीर्ष श्रेणी में शामिल है।
बीते साल भी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन से पहले पिछले साल मार्च में देश भर के स्कूल बंद कर दिए गए थे।
कई राज्यों ने लंबे समय तक बंद रहने के बाद विभिन्न कक्षाओं के लिए आंशिक रूप से स्कूल फिर से खोल दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय है जब हम भविष्य की शिक्षा प्रणाली की ओर आगे बढ़ें।


