National News – किसान आंदोलन समाप्त होगा या अन्य मांगों डटे रहेंगे किसान: अंतिम फैसला आज

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के बाद भी किसान संगठन दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं. गुरुवार को 12 बजे किसान संगठनों की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन को खत्म करने पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है.

बता दें कि कृषि कानून वापसी के बाद किसानों की अन्य मांगों पर केंद्र सरकार ने जो प्रस्ताव दिया है, उसे किसान संगठनों ने मान लिया है.

जानकारी के मुताबिक, किसानों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने की मांग मानने के लिए सरकार तैयार हो गई है. इसके बाद गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होने जा रही है.

इससे पहले एसकेएम की तरफ से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार की तरफ से संशोधित मसौदा प्रस्ताव मिलने की पुष्टि की गई थी. अब सरकार के दिए प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा में आम सहमति बन गई है.

ऐसे में गुरुवार दोपहर 12 बजे होने वाली बैठक बेहद अहम माना जी रही है. इससे यह साफ हो जाएगा कि एक साल से चल रहा किसान आंदोलन समाप्त हो जाएगा या किसान अपनी अन्य मांगों को लेकर इसे आगे भी जारी रखेंगे.

बता दें कि किसान तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद अब केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी चाहते हैं.

इसके अलावा किसान संगठन अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन को लेकर किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए केसों को भी वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

भारतीय किसान यूनियन के नेता और प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मांग की है कि सरकार टेबल पर आमने-सामने बैठकर बातें करे.

इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि सरकार ये भी बता दे कि इसमें 5 दिन लगेंगे या 10 दिन लेकिन ये होना चाहिए. इसके अलावा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवार के लिए किसान संगठन मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।