National News – भारत सिर्फ हिंदुओं का नहीं’, राहुल गांधी के बयान पर भड़के ओवैसी

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

 National News. राजस्थान की राजधानी जयपुर से रविवार को कांग्रेस ने ‘महंगाई हटाओ रैली’ के जरिए केंद्र सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी महासचिव सहित कई बड़े नेताओं ने बीजेपी सरकार पर महंगाई के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा।

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत हिंदुओं का देश है हिंदुत्ववादियों का नहीं, जिस पर अब असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए और उन्होंने ट्वीट करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि भारत सिर्फ हिंदुओं का देश नहीं है।

‘देश हिंदुओं का देश है हिंदुत्ववादियों का नहीं’

दरअसल, जयपुर की रैली में राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये देश हिंदुओं का देश है हिंदुत्ववादियों का नहीं है और आज इस देश में महंगाई, दर्द, दुख है तो ये काम हिंदुत्ववादियों ने किया है। हिंदुत्ववादियों को किसी भी हालत में सत्ता चाहिए। हिंदू और हिंदुत्ववादी शब्द एक नहीं है, ये दो अलग-अलग शब्द है और इनका मतलब भी अलग है। मैं हिंदू हूं मगर हिंदुत्ववादी नहीं हूं। महात्मा गांधी हिंदू और गोडसे हिंदुत्ववादी। अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि अब हिंदुओं को सत्ता में लाना है, हिंदुत्ववादियों को नहीं।

‘भारत सभी भारतीयों का है। अकेले हिंदू नहीं’

राहुल गांधी के इस बयान की एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आलोचना की है। ओवैसी ने कांग्रेस से सवाल करते हुए पूछा कि कांग्रेस ने क्या यही सेक्युलर एजेंडा तय किया है? वहीं ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राहुल और कांग्रेस ने हिंदुत्व के लिए जमीन तैयार की। अब वे बहुसंख्यकवाद की फसल काटने की कोशिश कर रहे हैं। हिंदुओं को सत्ता में लाना 2021 में एक धर्मनिरपेक्ष एजेंडा है। वाह! भारत सभी भारतीयों का है। अकेले हिंदू नहीं। भारत सभी धर्मों के लोगों का है। और उनका भी जिनका धर्म में कोई कोई विश्वास नहीं है।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।