Health News – 16 राज्यों में Omicron की दस्तक, नए संक्रमितों की संख्या 346 हुई

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देर रात तक ओमीक्रॉन संक्रमितों का आंकड़ा 340 पार कर गया है. इसकी चपेट में अब 16 राज्य आ चुके हैं. 5 राज्यों में ओमीक्रॉन के 87 नए मामले मिले. तमिलनाडु में 33, महाराष्ट्र में 23, तेलंगाना में 14, कर्नाटक में 12, गुजरात में 7 केरल में 5 मामले सामने आए हैं. अब तक देश में इस वेरिएंट के 340 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. ओमीक्रॉन के बढ़ते संक्रमण को देख अब सरकार भी सतर्क हो गई है. यही वजह है पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना खासकर ओमीक्रॉन संक्रमण को लेकर गुरुवार को एक समीक्षा बैठक की.

 

आसन्न चुनाव वाले राज्यों में टीकाकरण तेज करने के निर्देश
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों में टीकाकरण बढ़ाने की सलाह दी है. विशेषकर जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक क्रिसमस नए साल के मद्देनजर राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने पाजिटिविटी दर, मामले दोगुने होने की दर, नए मामलों के क्लस्टर पर नजर रखने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की सलाह दी गई है. कोरोना व उसके ओमीक्रॉन वेरिएंट से लड़ने में राज्यों की तैयारी टीकाकरण की प्रगति की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को ढील नहीं डालने अपनी तैयारी बनाए रखने की सलाह दी है.

ओमीक्रॉन समेत कोरोना संक्रमण के विस्तार को देखते हुए राज्यों को नाइट कर्फ्यू लगाने, बड़ा जमावड़ा रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने मामले बढ़ने पर तत्काल कंटेनमेंट जोन या बफर जोन अधिसूचित करने की सलाह दी गई है. टीकाकरण के बारे में राज्यों को तेजी से सौ प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है, जिसमें उन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां पहली दूसरी डोज की कवरेज राष्ट्रीय औसत से कम है. साथ ही उनसे क्लस्टर्स से सभी नमूनों को तत्काल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजने के लिए कहा गया है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।