National News – राहत की खबर: देश भर में कम हुए मामले

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

लेकिन केंद्र ने कोरोना की टेस्टिंग में ढिलाई पर जताई चिंता

National News: कोरोना के मामलों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है। राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 11,684 नए मामले सामने आए हैं, जबकि पॉजिटिविटी रेट सोमवार के 27.99% की तुलना में गिरकर 22.47% हो गई है। वहीं कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले 24 घंटों में 38 लोगों की मौत हुई है।

वहीं मुंबई में भी कोरोना की तीसरी लहर शांत होती दिख रही है। मुंबई में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6149 नए मामले सामने आए हैं और यहां पॉजिटिविटी रेट करीब 13 फीसदी है।

वैसे सोमवार के मुकाबले नये मामलों की संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ है। सोमवार को यहां 5,956 नए केस ही दर्ज हुए थे।
वैसे राहत की बात है कि अब नये मरीजों की संख्या 10 हजार से नीचे आ गई है। पीक के दौरान 30% पॉजिटिविटी रेट देखने वाले मुंबई में फ़िलहाल पॉजिटिविटी रेट 12.5% पर आ गया है।

टेस्टिंग में कमी है इसकी वजह?

इसमें कोई दो राय नहीं कि पीक की तुलना में दिल्ली में ऐक्टिव मामले 45% कम हुए हैं।

हालांकि एक पहलू यह भी है कि पीक के दौरान 70,000 से 72,000 की टेस्टिंग हो रही थी, जो अब क़रीब 50,000 पर आ गयी है।

यानी क़रीब 30% कटौती। कई राज्यों में लोग घरों में ही कोरोना की टेस्टिंग करा रहे हैं, जिसकी वजह से सही आंकड़े सामने नहीं आ रहे। राज्य सरकारों ने भी बिना लक्षण वाले लोगों की टेस्टिंग लगभग बंद कर दी है।

कोरोना की टेस्टिंग में कमी को देखते हुए केन्द्र सरकार ने चिंता जाहिर की है और रणनीतिक तरीके से टेस्टिंग को बढ़ाने का निर्देश दिया है।

अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) आरती आहूजा ने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का डाटा बताया है कि कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड टेस्टिंग में कमी आई है, जबकि इस दौरान कोरोना और ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस बढ़े हैं।

इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि विशिष्ट इलाकों में कोरोना के बढ़ते पॉजिटिविटी रेट को देखते हुए वहां कोरोना जांच को रणनीतिक और चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाना चाहिए।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।