Health News – Corona Omicron new strains – ओमिक्रॉन के नए स्ट्रेन से दहशत, इंदौर के 6 बच्चों, 12 मरीजों में पुष्टि

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
4 Min Read

नए मरीजों के फेफड़ों में भी 5 फीसदी से 40 फीसदी तक इंफेक्शन मिला
इंदौर। इंदौर में ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट बीए.1 और बीए.2 के केस सामने आए हैं। शहर में ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट बीए.2 के 12 मरीज मिले हैं।
इनमें 6 बच्चे भी हैं। बीए.2 स्ट्रेन सबसे ज्यादा तेजी से फैलता है। इसका संक्रमण मरीज के फेफड़ों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। नए आए मरीजों के फेफड़ों में भी 5 फीसदी से 40 फीसदी तक इंफेक्शन मिला है।
ओमिक्रॉन बीए.2 के मामले सामने आने के बाद इंदौर स्वास्थ्य विभाग भी चिंता जता रहा है। कोरोना और ओमिक्रॉन से अलग यह वैरिएंट इस वजह से अलग है क्योंकि यह स्ट्रेन फेफड़ों को ज्यादा असर डालता है।
इस स्ट्रेन को बीए.2 सब-स्ट्रेन या ‘स्टील्थ’ यानी छिपा हुआ वर्जन भी कहा जा रहा है, जो 40 से अधिक देशों में पाया गया है।
इससे पीड़ित अरबिंदो अस्पताल में भर्ती 17 साल के मरीज के फेफड़े 40 फीसदी तक संक्रमित मिले हैं। वहीं, दो मरीज आईसीयू में हैं।
इन मरीजों को ऑक्सीजन लगाने के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। इनके अलावा 4 मरीजों में ओमिक्रॉन बीए.1 की पुष्टि हुई है। अरबिंदो हॉस्पिटल के डॉक्टर रवि डोसी ने बताया कि ओमिक्रॉन का पहला सब वैरिएंट बीए.1 आया था।
यही वैरिएंट अब रोटेट होकर बीए.2 हो गया है। 6 जनवरी तक इसका लंग्स इन्वॉल्वमेंट बिल्कुल भी नहीं था। इसके बाद अब तक ऐसे 12 मरीज आ चुके हैं, जिनमें बीए.2 मिला है, उनके 40 फीसदी तक फेफड़े संक्रमित हो गए हैं।
चिंता वाली बात यह कि ऑक्सीजन लगाने के साथ मरीजों को एडमिट करना पड़ रहा है। दो लोग आईसीयू में हैं। फेफड़ों में इन्फेक्शन होना चिंता की बात है।
हालांकि, वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुके मरीज सुरक्षित हैं। बीए.2 सब-स्ट्रेन की चौंकाने वाली बात यह है कि यह आरटीपीसीआर टेस्ट से भी बच सकता है। स्टील्थ ओमिक्रॉन ने पूरे यूरोप में और तेज लहर की आशंका पैदा कर दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट में तीन सब-स्ट्रेन हैं- बीए.1, बीए.2, और बीए.3 । जबकि दुनिया भर में रिपोर्ट किए गए ओमिक्रॉन संक्रमणों में बीए.1 सब-स्ट्रेन सबसे खास है, लेकिन बीए.2 सब-स्ट्रेन तेजी से फैल रहा है।
उधर, देश में सोमवार रात 11:30 बजे तक कोरोना संक्रमण के 2,52,774 नए मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 607 मौतें भी हुईं। संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,97,96,125 हो गई। तीसरी लहर का मुख्य कारण कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट को माना जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों की वजह से ही दक्षिण-पूर्व एशिया में संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह के भीतर भारत में कोविड मामलों की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। भारत ने 23 जनवरी को समाप्त हुए सप्ताह में कोरोना के 15,94,160 नए मामले दर्ज किए गए थे, जबकि पिछले सप्ताह यह आंकड़ा 6,38,872 था।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।