1 से 7 अगस्त तक मनाया जायेगा विश्व स्तनपान सप्ताह

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इंदौर के शासकीय चिकित्सालयों में आयोजित किये गये परामर्श सत्र
इंदौर. विश्व स्तनपान सप्ताह सारे विश्व में स्तनपान को प्रोत्साहित करने और शिशुओं के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष 01 से 07 अगस्त तक मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है “Step Up For Breastfeeding Educate & Support”, स्तनपान एक सार्वभौमिक उपाय है, जो कि हर व्यक्ति को जीवन में न्यायसंगत शुरुआत देता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सोमवार को शासकीय चिकित्सालयों में परामर्श सत्रों का आयोजन किया गया। इस पूरे सप्ताह विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
विदित है कि विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य है उचित पोषण, खाद्य सुरक्षा, गरीबी में कमी और स्तनपान के बीच की कड़ियों के बारे में लोगों को जागरूक करना तथा पूर्ण स्तनपान के संरक्षण, संवर्धन और सहयोग को शामिल करना। मां का दूध शिशु के लिए प्रथम प्राकृतिक आहार है, यह उन सभी ऊर्जावान और पोषक तत्वों को प्रदान करता है जिनकी आवश्यकता शिशु को जीवन के प्रथम माह में होती है। छह माह की अवस्था के बाद से एक वर्ष तक मां का दूध शिशु की आवश्यकता को आधा पूरा कर पाता है तथा दूसरे वर्ष के दौरान शिशु के पोषण की एक तिहाई आवश्यकता ही पूरी हो पाती है।
मध्यप्रदेश में NFHS-4 के आंकड़ों के अनुसार जन्म के घंटे के अंदर 34.4 प्रतिशत बच्चों को माँ का दुध मिलता था, जो कि NFHS-5 में बढ़कर 41.3 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह 06 माह तक केवल माँ का दूध पीने वाले बच्चों का प्रतिशत 58.2 या जो कि NFHS-5 में पढ़कर 74 प्रतिशत हो गया है। इस तरह हम देख रहे हैं कि व्यवहार परिवर्तन का क्रम जाती है। जन्म के 24 घंटे के बाद स्तनपान शुरू कराने से मौत का खतरा 2.4 गुना बढ़ जाता है। स्तनपान एवं ऊपरी आहार से शिशु मृत्युदर में 19 प्रतिशत की कमी लाई जा सकती है।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।