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मीडिया कंपनी खरीदने पर अडाणी ग्रुप का 29% हिस्सेदारी का ऐलान, एनडीटीवी ने कहा- हमें बताया ही नहीं   

महज तीन महीने 29 दिन पहले मीडिया बिजनेस में उतरे गौतम अदाणी जल्द ही देश के मशहूर न्यूज चैनल एनडीटीवी के मालिक बन सकते हैं। दरअसल, उनके समूह की मीडिया कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स (एएमएनएल) की सहायक कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड ने परोक्ष रूप से एनडीटीवी समूह की 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कंपनी जल्द ही एनडीटीवी में 26 फीसदी हिस्सेदारी और खरीदने की भी कोशिश करेगी। इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए अदाणी समूह करीब 493 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए कंपनी ने खुला ऑफर दिया है। इस पूरी डील पर एनडीटीवी की ओर से कहा गया है कि उन्हें इस बारे में नोटिस मिला है। लेकिन, इस मसले पर कंपनी से पहले कोई चर्चा नहीं की गई।

एएमएनएल क्या है?
देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठनों में से एक अदाणी समूह है। इस समूह के एक प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड है। एमएनएल यानी एमएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है। इस कंपनी में अदाणी समूह की सौ फीसदी हिस्सेदारी है। अदाणी समूह की सहायक कंपनी एमएनएल की भी एक सहायक कंपनी है। एमएनएल की भी एक सहायक कंपनी है विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल)। इसी ने ही एनडीटीवी में परोक्ष रूप से हिस्सेदारी खरीदने का एलान किया है।

हिस्सेदारी की परोक्ष खरीदारी की बात क्यों की जा रही है?
दरअसल, आरआरपीआर नाम की एनडीटीवी की एक प्रमोटर कंपनी है। आरआरपीआर के पास एनडीटीवी के 29.18 फीसदी हिस्सेदारी है। अडानी समूह की वीसीपीएल ने आरआरपीआर की 99.5% हिस्सेदारी हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की है। आरआरपीआर को खरीदने के साथ ही  वीसीपीएल के पास एनडीटीवी की 29.18 फीसदी हिस्सेदारी भी आ जाएगी।

तो क्या अब वीसीपीएल को मालिकाना हक मिल जाएगा?
आरआरपीआर को अधिग्रहित करने के बाद वीसीपीएल के पास एनडीटीवी की 29.18 फीसदी हिस्सेदारी आएगी। अदाणी समूह एनडीटीवी की 26 फीसदी हिस्सेदारी और हासिल करने की कोशिश करेगा। इसके लिए एमएनएल की ओर से कहा गया है कि सेबी के नियमों के मुताबिक कंपनी एनडीटीवी में 26 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक खुली पेशकश करेगी। अगर ऐसा होता है तो अदाणी समूह के पास एनडीटीवी में कुल 55 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी हो जाएगी। इस स्थिति में अदाणी समूह के पास एनडीटीवी का मालिकाना हक आ जाएगा।

मीडिया बिजनेस में कितनी पुरानी है अदाणी समूह की कंपनी?
अदाणी समूह की मीडिया कंपनी एमजी मीडिया नेटवर्क की स्थापना को चार महीने भी नहीं हुए  हैं। 26 अप्रैल 2022 को गांधी नगर गुजरात के पते पर कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ है। कंपनी डिजिटल और ब्रॉडकास्ट मीडिया सेगमेंट पर जोर दे रही है। मीडिया बिजनेस देखने वाली कंपनी के तीन डायरेक्टर्स में प्रणव अदाणी, सुदिप्त भट्टाचार्या और मशहूर पत्रकार संजय पुगलिया शामिल हैं।

इस डील पर अदाणी समूह का क्या कहना है?
एएमसी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड के सीईओ संजय पुगलिया ने कहा कि यह अधिग्रहण एएमएनएल के सभी प्लेटफॉर्म्स पर नए जमाने के मीडिया का मार्ग प्रशस्त करने के कंपनी के लक्ष्य की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि हम सूचना और जानकारी के जरिए भारत के नागरिकों, उपभोक्ताओं और उन सभी को सशक्त करना चाहते हैं जो भारत में रुचि रखते हैं।

एनडीटीवी समूह का इस डील पर क्या कहना है?
हिस्सेदारी खरीदने की खबरें सामने आने के बाद एनडीटीवी की न्यूज़ वेबसाइट पर इसे लेकर एक खबर लगाई गई। इस खबर के मुताबिक अदाणी समूह की ओर से इस डील के लिए एनडीटीवी और उसके फाउंडर-प्रमोटर्स से कोई चर्चा नहीं की गई। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक वीसीपीएल ने 2009-10 के एक ऋण समझौते के आधार पर नोटिस दिया है। ये सब एनडीटीवी के संस्थापकों और कंपनी की सहमति के बिना किया गया है। जबकि, एक दिन पहले ही एनडीटीवी ने शेयर बाजार को यह सूचना दी थी कि उसकी शेयरहोल्डिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  आरआरपीआरएच को केवल दो दिन में अपनी 29.18 फीसदी हिस्सेदारी को वीसीपीएल को सौंपने को कहा गया है।

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