बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के विरुद्ध इटारसी में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

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राकेश मालवीय (रिंकू) 

इटारसी। पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समाज के विरुद्ध हो रही निरंतर हिंसा, हत्या और आगजनी की घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए आज इटारसी के विभिन्न संगठनों ने भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। वरिष्ठ नागरिक संघ (पुरानी इटारसी) और विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) इटारसी को प्रदान किया गया।

ज्ञापन में संगठनों ने राष्ट्रपति महोदय का ध्यान बांग्लादेश की गंभीर स्थिति की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि:
* वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ अमानवीय व्यवहार, क्रूरता और उनके घरों में आगजनी की घटनाएं अनवरत जारी हैं।
* शासन-प्रशासन की शिथिलता के कारण ‘भीड़ तंत्र’ हावी है, जिससे आम जनजीवन असुरक्षित हो गया है।
* भारत सरकार से मांग की गई है कि विदेश नीति के तहत इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए ताकि वहां रह रहे हिंदुओं के मौलिक अधिकारों और सुरक्षा को पुनः स्थापित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अशोक कुमार दुबे (अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक संघ) और जी.डी. पाटिल (अध्यक्ष, विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ) उपस्थित रहे। संगठन की ओर से प्रेम नारायण मालवीय (रिटायर्ड अकाउंटेंट, MPEB) ने बताया कि यह ज्ञापन मानवता की रक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की एक सामूहिक पुकार है।

इस दौरान राजेंद्र दिवान, दिनेश दुबे, मेहरा जी, शिवचरण चौधरी, शिवगोबिंद महतो, बी.एल. कैथवास, राजेंद्र चौधरी, और छोटे भैया चौधरी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और पेंशनर्स उपस्थित रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी प्रेषित की गई है।

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