Bollywood News – ड्रग्स केस: काफी मशक्कत के बाद शाहरुख के बेटे आर्यन को बेल, तो वहीं अनन्या पांडे के करियर पर लटकी तलवार, ब्रांड वैल्यू भी घटी

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस में बेल मिल गई है. आर्यन को बेल मिलने से शाहरुख खान काफी खुश हैं. काफी समय से शाहरुख आर्यन को बेल दिलवाने की कोशिश कर रहे थे. शाहरुख की कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिसमें वह आर्यन का केस लड़ रहे वकीलों और उनकी टीम के साथ हैं. इस दौरान शाहरुख के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है.
अनन्या के करियर पर मंडरा रहा खतरा
 
वहीं दूसरी तरफ, आर्यन खान के फोन में ड्रग्स से संबंधित चैट में अनन्या पांडे के नाम आने से अनन्या चर्चा में हैं. उन्हें पूछताछ के लिए एनसीबी द्वारा कई बार बुलाया गया है और इस मामले में उनका नाम से उनके करियर पर असर पड़ता दिख रहा है. ड्रग्स मामले में नाम आने के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे के करियर में ठहराव सा आ गया है. बताया जा रहा है जहां उनकी ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुंचा है तो वहीं उनकी आने वाली फिल्मों पर भी खतरा मंडरा रहा है.
ब्रांड कर सकते हैं बायकॉट
अनन्या लैक्मे, वेगा 3 हेयरस्टाइलर, जिलेट हेयर रिमूवल क्रीम, क्लालिटी आइसक्रीम, पर्क चॉकलेट, ओनली क्लोथिंग ब्रांड जैसी कंपनियों के विज्ञापनों में नजर आती हैं और वक्त वक्त पर ये कंपनियां अपनी एड फिल्मों को नए सिरे से शूट करते रहते हैं. जो डील का हिस्सा होती हैं. अब उनके इन ब्रांड्स डील पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि ड्रग्स केस में नाम आने की वजह से लोग अनन्या के प्रोडक्ट्स का बायकॉट करने की मुहिम चला रहे हैं. इससे डरकर ब्रांड उन्हें निकाल सकते हैं.
दरअसल अनन्या पांडे के पास ऐसी कई ऐसी फिल्में हैं जो जल्द आने वाली हैं लेकिन कहा जा रहा है कि इन फिल्मों के मेकर्स और अनन्या के को-स्टार्स को ये डर सताने लगा है कि कहीं उनकी ये फिल्म ड्रग्स के चलते फ्लॉप की भेंट न चढ़ जाएं. हालांकि अनन्या पांडे पहले भी ट्रोल होती रही हैं ।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।