दिल्ली में फिर तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, 24 घंटे में मिले 1009 नए संक्रमित, एक मरीज की मौत 

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sadbhawnapaati
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देश. दिल्ली में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। प्रतिदिन मामलों में वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटे में 1009 नए संक्रमित मिले हैं। 314 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। चिंताजनक बात ये है कि एक मरीज की मौत भी हुई है। राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या 2641 हो गई है। साथ ही संक्रमण दर 5.7 फीसदी हो गई है। मंगलवार को 632 लोग कोरोना संक्रमित मिले थे।

मामलों में बढ़ोतरी के चलते राजधानी में एक बार फिर पाबंदियों का दौर लौट आया है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

मास्क न लगाने वालों को 500 रुपये का जुर्माना भरना होगा। डीडीएमए (दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) की समीक्षा बैठक में आज इस पर चर्चा हुई।
नहीं बंद होंगे स्कूल, बनेगी नई एसओपी
अधिकारियों ने बताया कि डीडीएमए ने बैठक में निर्णय लिया है कि स्कूल नहीं बंद होंगे लेकिन एक नए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम) के तहत काम करेंगे।
इसके बाद मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक दूरी और अस्पताल की तैयारियों पर भी बैठक में चर्चा की गई। इसी तरह बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ पर भी काबू पाने के लिए भी कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।

छठी लहर की दस्तक के बाद भी जीनोम सीक्वेंसिंग तेज नहीं

कोरोना की छठी लहर दस्तक के बाद दिल्ली में जीनोम सीक्वेंसिंग जांच में तेजी नहीं आई है। राजधानी के लोकनायक और आईएलबीएस अस्पताल में जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा है लेकिन ओमिक्रॉन लहर निकलने के बाद से यहां जांच में तेजी नहीं आई है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।