Crime News Indore – B.COM के दो छात्र महज 150 रुपए में बनाते थे फर्जी आधार, मार्कशीट, पैन कार्ड और लायसेंस, पश्चिम बंगाल से जुड़े तार

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Crime News Indore. इंदौर के बाणगंगा थाना पुलिस ने भारत निर्वाचन आयोग,कलेक्टर कार्यालय,नगर निगम के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपित ऑन लाइन की आड़ में फर्जी दस्तावेज बना रहे थे।  सिर्फ 10 मिनट के अंदर किसी का भी आधार, मार्कशीट, पैन कार्ड, लाइसेंस सहित आयुष्मान कार्ड भी बना देते थे, असली जैसे दिखने वाले इन कार्डों को कोई पहचान भी नहीं पाता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुखबिर को व्हाट्सएप पर कुछ लोगों के फोटो दिए। जब मुखबिर दोनों छात्रों के पास पहुंचा तो महज 150 रुपए लेकर फर्जी आधार कार्ड बना दिया।

बाणगंगा थाना के SI जबर सिंह यादव के अनुसार फरियादी राम सांखला निवासी हरदा की शिकायत पर आरोपी अजय हीरे और प्रदीप निवासी हरदा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों शांति नगर में प्रियांशी ऑनलाइन नाम से दुकान चला रहे थे। दरअसल दोनों बीकॉम के छात्र हैं। वह प्रिंट पोर्टल एक्स वाई जेड की मदद से नकली आयुष्मान कार्ड, मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे समस्त दस्तावेज बना रहे थे। इसके लिए वह केवल डेढ़ सौ रुपए लेते थे। पुलिस ने जब उनके कंप्यूटर जब्त किए और उसकी छानबीन की तो 500 से ज्यादा नकली कार्ड उसमें मिले हैं। पुलिस अब उन लोगों की भी तफ्तीश कर रही है जिनके कार्ड कंप्यूटर से जब्त हुए है।

एएसपी(पूर्वी) शशिकांत कनकने के मुताबिक मनियाखेड़ी टिमरनी जिला हरदा निवासी राम पुत्र नन्नोलाल सांखला की शिकायत पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। राम के मुताबिक खबर मिली थी कि शांतिनगर स्थित प्रियांसी ऑन लाइन का संचालक प्रदीप सौ-डेढ़ सौ रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर देता है। गुरुवार शाम राम ने स्टिंग ऑपरेशन किया और पायल पति सुनील सिसोदिया का मतदाता पत्र दिया और कहा कि इस पर दूसरी महिला का फोटो प्रिंट करना है।

आरोपी ने बताया कुछ महीने पूर्व उसकी गूगल के माध्यम से पश्चिम बंगाल के एक युवक से बात हुई थी। उसने चार हजार रुपये में पोर्टल प्रिंट डॉट एसवाईजेड की लॉगइन आईडी ले ली थी। टीआइ ने थाने में उससे कार्ड बनाने का बोला तो पांच मिनट में राजेंद्र सोनी का नकली आइडी बना दिया।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।