DHL इंफ्राबुल प्रकरण में हाईकोर्ट से अनिरुद्ध देव को बड़ी राहत, अगली सुनवाई तक कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इंदौर। डीएचएल इंफ्राबुल्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आपराधिक प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश खंडपीठ इंदौर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) भोपाल द्वारा दर्ज प्रकरण में याचिकाकर्ता अनिरुद्ध देव को राहत देते हुए न्यायालय ने आगामी सुनवाई तक उनके विरुद्ध कोई भी प्रतिकूल अथवा दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश शासन को दिए हैं।

माननीय न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने WP क्रमांक 49016/2025 (अनिरुद्ध देव बनाम गृह विभाग एवं अन्य) की सुनवाई 15 दिसंबर 2025 को की। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह तथ्य महत्वपूर्ण माना कि याचिकाकर्ता अनिरुद्ध देव कंपनी में प्रोफेशनल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त थे और कंपनी के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के प्रावधान 23(b) के अनुसार वे कंपनी के दैनिक संचालन और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार नहीं थे।

न्यायालय ने अंतरिम राहत पर विचार करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली सुनवाई की तारीख तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कोर्सिव (coercive) कार्रवाई नहीं की जाए। राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार किया, वहीं राज्य को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश भी न्यायालय ने दिए।

इस मामले में डीएचएल इंफ्राबुल्स के निदेशक अनिरुद्ध देव की ओर से अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल एवं जयेश गुरनानी ने पैरवी की, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता मधुसूदन यादव उपस्थित रहे। न्यायालय ने प्रकरण को शीतकालीन अवकाश के पश्चात सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।

उक्त आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल अनिरुद्ध देव के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य दमनात्मक कार्रवाई पर रोक रहेगी, जब तक कि उच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।