घर से भागे बच्चों में माता-पिता से नाराजगी मुख्य कारण – पुलिस के मुस्कान अभियान में काउंसिलिंग के तहत हुआ खुलासा

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इन्दौर। घर छोड़कर भाग रहे बच्चों में पुलिस के अनुसार अधिकाशं बच्चे वे है जो अपने माता-पिता से किसी बात पर नाराज होकर भागे है। इन्दौय पुलिस के लापता बच्चों को तलाशने के मुस्कान अभियान के तहत सामने आए आंकडों से बच्चों के घर छोड़कर भागने के कारणों का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
ज्ञात हो कि इन्दौर पुलिस ने गत वर्ष 6 जनवरी को गुम हुए बच्चों की तलाश के लिए मुस्कान अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों बच्चों को ढूंढकर उनके माता-पिता के पास पहुंचाया जा चुका है। पुलिस को अपने इस अभियान के लापता बच्चों की बरामदगी के बाद उनकी काउंसलिंग में पता चला है कि माता-पिता की डांट, कुछ ना दिलाने पर नाराजगी और ऐसे ही कई अन्य कारण हैं जिनके तहत बच्चे घर छोड़कर भाग जाते है। इंदौर पुलिस के अनुसार सभी झोनों से गुम हुए खोजे गए बच्चों में सबसे ज्यादा बच्चे वे हैं, जो घर से अपने माता-पिता से नाराज होकर भागे थे। एडीसीपी मुख्यालय मनीषा पाठक सोनी के मुताबिक, लापता बच्चों की तलाश के बाद उनसे की गई बात में सबसे राहत की बात ये सामने आई है कि ना तो.बच्चे आर्थिक तंगी के कारण घर छोड़ भागे है या न कोई उन्हें नौकरी, बंधुआ मजदूरी या लैंगिग शोषण के लिए जबरदस्ती उठाकर ले गया हो। इस तरह के मामले शून्य हैं।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।