इंदौर नगर निगम के वार्डो की आरक्षण की प्रक्रिया के दौरान प्रशासन को हमदस्त रूप से दिया न्यायालय की अवमानना का नोटिस

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

माननीय न्यायालय द्वारा निरस्त की गई अधिसूचना पर ही कर दिया आरक्षण

भारत के संविधान की धारा 243T का पालन नही होने पर न्यायालय द्वारा वर्ष 2021 में किये गए आरक्षण को कानून की दृष्टि में सही नही मानते हुवे आरक्षण की अधिसूचना निरस्त की गई थी

इंदौर. माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयेश गुरनानी द्वारा दायर की गई याचिका में दिनांक 10.01.2022 को अंतिम निर्णय देते हुए यह साफ तौर पर कहा था के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वार्डों का आरक्षण करते समय जिला प्रशासन को रोटेशन की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।

उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पीरा 28 अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशो को प्रभाव शून्य किया है जबकि उनकी याचिका में उच्च न्यायालय का आदेश अंतिम होकर सभी पर बंधनकारी है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किसी भी अंतिम आदेश के संबंध में टिप्पणी नही की है
इंदौर जिला प्रशासन द्वारा आज वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्थित सभागार में प्रारंभ की गई परंतु माननीय न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर निरस्त अधिसूचना को ही आधार मानकर केवल obc के वार्डो का आरक्षण किया उक्त प्रक्रिया के दौरान जिला प्रशासन द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वार्डों का आरक्षण नहीं किया गया और रोटेशन की प्रक्रिया अपनाने से साफ तौर पर इंकार कर दिया गया जो कि माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा पारित आदेश दिनांक 10.01.2022 की अवहेलना है।

इस संबंध में आज युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयेश गुरनानी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागार में मौजूद होकर हमदस्त रूप से इंदौर जिला प्रशासन के अतिरिक्त कलेक्टर अभय बेडेकर को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का नोटिस अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल के माध्यम से प्रदान किया।

जयेश गुरनानी का यह कहना है कि इस संबंध में निर्वाचन आयोग को भी अवगत कराया गया है और शीघ्र ही  अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वार्डों सहित रोटेशन पद्धति से आरक्षण कराने तथा आज की कार्रवाई को निरस्त करने तथा विहित प्रशिकारी के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका प्रस्तुत की जाएगी एवं आगामी नगरीय निकाय के चुनाव को संवैधानिक रूप से संपन्न कराने हेतु हर संभव प्रयास किया जाएगा.

इंदौर नगर निगम के वार्डो की आरक्षण की प्रक्रिया के दौरान शासन द्वारा की गई अनियमितताओं के संदर्भ में आज 11ः00 बजे प्रेस क्लब, इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई है.

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।