Education News – भारत में ओमिक्रॉन के 2 मामलों की पुष्टि, विशेषज्ञों का कहना – स्कूलों को बंद करने से पहले सोच-समझकर योजना बनाए सरकार

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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कोरोना वायरस के प्रकोप के लंबे समय बंद पड़े स्कूल विभिन्न राज्यों में खुलने ही लगे थे कि फिर से वायरस का नया स्ट्रेन ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है।
वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 का यह नया वैरिएंट भारत में भी प्रवेश कर चुका है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के दो मामलों की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
ऐसे में विभिन्न राज्यों में स्कूल खुले होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है। अधिकतर अभिभावक यह सोचकर चिंतित हैं कि क्या फिर से लॉकडाउन होगा, क्या स्कूल बंद हो जाएंगे।
हालांकि, अभी स्कूल बंद होने और दोबारा लॉकडाउन लगने के आसार कम हैं। इस बीच, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सरकारों को कुछ सुझाव दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है, लंबे समय तक स्कूलों को बंद करने से पहले सरकारों को सोच-समझकर योजना बनाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रॉन को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में नामित किया गया था, जो कोरोनो वायरस वैरिएंट की चिंता के लिए शीर्ष श्रेणी में शामिल है।
बीते साल भी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन से पहले पिछले साल मार्च में देश भर के स्कूल बंद कर दिए गए थे।
कई राज्यों ने लंबे समय तक बंद रहने के बाद विभिन्न कक्षाओं के लिए आंशिक रूप से स्कूल फिर से खोल दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय है जब हम भविष्य की शिक्षा प्रणाली की ओर आगे बढ़ें।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।