मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को वर्ष 2021-22 के सालाना बजट को गुरुवार को मंजूरी दी गई। यह बजट 16774 करोड़ का है। बजट में 80 फीसदी से ज्यादा का हिस्सा बिजली खरीदी का है। शेष नए कार्य, वेतन, वाहन, मेंटेनेंस, कार्मिकों की सुविधाएं, सुरक्षा, व्याज आदि का है।
गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा सचिव व मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत कंपनी के अध्यक्ष आकाश त्रिपाठी ने इसे लेकर एक बैठक ली। त्रिपाठी ने कहा कि कंपनी का राजस्व बढ़ाना है तो सभी बकायेदारों से सतत संपर्क करना होगा। बैठक में कंपनी क्षेत्र में राजस्व की बढ़ोत्तरी के लिए ब्रिक्स योजना को इंदौर सेंट्रल डिवीजन एवं उज्जैन वेस्ट डिवीजन में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कोरोना संक्रमण के दौरान पीड़ित कर्मचारियों, अधिकारियों की मदद एवं निधन पर राज्य शासन के आदेशानुसार मदद के प्रकरणों के लिए भी मंजूरी दी गई।
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बैठक में बताया गया कि कंपनी की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा के अधिकारियों ने 1912 सेंट्रलाइज्ड कॉल सेंटर के लिए स्वयं तैयारी की है। पूरे कॉल सेंटर की व्यवस्थाएं पहले जो आउटसोर्सिंग से चलती थी, अब बिजली कंपनी ने सारी व्यवस्थाएं स्वयं तैयार की है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने कंपनी क्षेत्र में बिजली वितरण, राजस्व वसूली, कोरोना काल में कर्मियों की मदद, बकाया राशि वसूलने के लिए बनाई योजना, उपभोक्ता सेवा को लेकर किए जा रहे प्रयास आदि के बारे में बताया।
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