ज्योतिषीय विश्लेषण
विनोद जैन (प्रभु), ज्योतिषाचार्य, इंदौर
इंदौर। फाल्गुन पूर्णिमा (होली) 2026 पर ग्रहों की स्थिति अत्यंत विशेष और प्रभावशाली मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस पूर्णिमा काल में कई प्रमुख ग्रह एक साथ विशेष राशियों में स्थित होकर एक प्रबल योग बना रहे हैं, जिसका प्रभाव वर्तमान समय से लेकर 20 मार्च 2026 तक व्यापक रूप से बना रहेगा।
पूर्णिमा पर ग्रह स्थिति : फाल्गुन पूर्णिमा के समय ग्रह स्थिति इस प्रकार रहेगी—
कुंभ राशि: सूर्य, मंगल, बुध (वक्री), राहु (वक्री)
मीन राशि: शुक्र और शनि
मिथुन राशि: गुरु (वक्री)
सिंह राशि: चंद्रमा और केतु
सूर्य और चंद्रमा के पूर्णिमा संबंध के साथ बुध, गुरु, राहु और केतु सभी वक्री प्रभाव में रहेंगे, जिससे यह समय मानसिक, सामाजिक और वैश्विक स्तर पर प्रभावकारी माना जा रहा है।
होली पर विशेष योग और भद्रा का प्रभाव
यह ग्रह स्थिति फाल्गुन पूर्णिमा (होली) के समय बनेगी, साथ ही इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा। इस कारण यह अवधि सामान्य पर्व काल की तुलना में अधिक संवेदनशील मानी जा रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह योग जागरूकता और सावधानी का संकेत देता है।
पूर्णिमा और नक्षत्र काल
पूर्णिमा आरंभ: 02 मार्च 2026, सोमवार, शाम 05:51 बजे
मघा नक्षत्र: 02 मार्च शाम 05:51 बजे से 03 मार्च सुबह 07:31 बजे तक
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: 03 मार्च सुबह 07:31 बजे से आगे
पूर्णिमा समाप्ति: 03 मार्च 2026, मंगलवार, शाम 05:10 बजे
भद्रा काल:
02 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:58 बजे से
03 मार्च 2026, मंगलवार सुबह 05:31 बजे तक
सावधानी का संदेश
इस ग्रह योग का उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि जागरूकता देना है। इस अवधि में विशेष रूप से विवाद, लड़ाई-झगड़े, मनभेद-मतभेद, विचारों का टकराव, लापरवाही से बचने की सलाह दी गई है। सोच-समझकर, संयम और समझदारी के साथ प्रत्येक कार्य करना लाभकारी रहेगा।
बाजार संकेत: तेजी भी बड़ी, गिरावट भी बड़ी
इस अवधि में वैश्विक और भारतीय बाजारों में तीव्र गतिविधि देखने को मिल सकती है।
विशेष रूप से—सोना, चांदी, तांबा (कॉपर), धातु बाजार, शेयर बाजार, अन्य विश्व बाजार में तेजी का वातावरण बन सकता है। हालाँकि राहु-मंगल-बुध के उत्तेजित ग्रह स्वभाव के कारण बड़ी तेजी के साथ बड़ी गिरावट की स्थिति भी संभव है। अर्थात इस अवधि में बाजारों में तेजी-मंदी की तीव्र उथल-पुथल बनी रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
फाल्गुन पूर्णिमा 2026 का ग्रह योग एक ऐसा काल संकेतित करता है जिसमें जागरूकता, संयम और संतुलन अत्यंत आवश्यक है। विवेकपूर्ण निर्णय और शांत मन से कार्य करने पर यह समय सुरक्षित रूप से पार किया जा सकता है, जबकि जल्दबाजी और आवेग नुकसान का कारण बन सकते हैं।


