जाने माने इतिहासकार बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे का सोमवार को पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया.
जाने माने इतिहासकार और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे का सोमवार को पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 99 वर्ष के थे. बाबासाहेब पुरंदरे के नाम से लोकप्रिय इतिहासकार कुछ समय से बीमार थे. एक चिकित्सक ने उनके निधन की जानकारी दी. चिकित्सक ने बताया कि पुरंदरे एक सप्ताह पहले निमोनिया से पीड़ित पाए गए थे और उन्हें शहर के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया. वह अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर पर थे.
उन्होंने बताया कि पुरंदरे की तबियत रविवार को और खराब हो गई थी और उनकी स्थिति तभी से गंभीर थी. पुरंदरे की अधिकतर कृतियां मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से संबंधित हैं. उन्हें 2019 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
बाबासाहेब पुरंदरे के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि शिवशहीर बाबासाहेब पुरंदरे अपने व्यापक कार्यों के कारण जीवित रहेंगे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति


