आजादी के अमृत महोत्सव के साथ मछुआ कल्याण के लिए सरकार वचनबद्ध है : मंत्री सिलावट

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इन्दौर। आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह महोत्सव उन प्रदेशवासियों को समर्पित है, उन्हें प्रदेश के उत्थान में कही न कही, किसी न किसी रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।
अपनी विकासवादी सोच के साथ प्रदेश की प्रगति में हिस्सा बन कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा ही हमारा मछुआ समाज है। आज हमारे मध्य प्रदेश यशस्वी मुख्यमंत्री व किसान पुत्र शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए नागरिकों की उन्नति और राष्ट्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हमारी सरकार मछुआ समाज के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में मछुआ समाज के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जिसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं।
प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या के कारण बेरोजगारी की समस्या तथा पौष्टिक आहार की कमी को दृष्टिगत रखते हुए मत्स्य विकास योजना के तहत मत्स्योत्पादन में वृद्धि कर जन सामान्य को मछली के रूप में सस्ता प्रोटीनयुक्त आहार एवं रोजगार उपलब्ध कराना है।
प्रदेश में अमृत सरोवर, मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत निर्मित हो रहे तालाबों में जल उपलब्धता के आधार पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं नवीन ”मुख्यमंत्री मत्स्य विकास योजना“ का क्रियान्वयन अभिसरण के माध्यम से किया जायेगा।
मंत्री सिलावट ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर हमारा प्रदेश मत्स्योत्पादन के क्षेत्र में 11वें स्थान पर है। हमें इसे पहले स्थान पर पहुंचाना है। यह मछुआ भाईयों (आप) के योगदान से ही संभव हो पाएगा।
इसके लिए सरकार आप के साथ खड़ी है। केज कल्चर को बढ़ावा देने के लिए  शासन स्तर से लगातार मदद की जा रही है। केज से मछली उत्पादन में सामान्य की तुलना में 3 गुना अधिक मछली उत्पादन होता है।
तालाब निर्माण, हैचरी निर्माण, मछली आहार संयंत्र की स्थापना, मछुआरों का दुर्घटना बीमा करने के साथ केज कल्चर, पेन कल्चर जैसी योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही मोटरसाइकिल/थ्री व्हीलर वितरण भी किया जा रहा है। जिससे मछली उत्पादन बढ़ाया जा सके।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।