संविदा कर्मियों को सीधी भर्ती में 20 फीसदी आरक्षण देने पर विचार करे शासन – मप्र हाईकोर्ट का निर्देश

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पीएचई विभाग में संविदा पर कार्यरत् कर्मियों के मामले का निराकरण करते हुए शासन को निर्देशित किया है, वे संविदा कर्मियों को सीधी भर्ती में 20 फीसदी आरक्षण देने पर विचार करें। इस निर्देश के साथ न्यायालय ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।

हाईकोर्ट में यह मामला पीएचई विभाग में कार्यरत कर्मियों ने अधिवक्ता रामेश्वर सिंह की ओर से दायर किया था, जिसमें राहत चाही गई थी कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र 18 जून 2018 में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शासन स्तर पर की जाने वाली समस्त प्रकार की सीधी भर्तियों में (क्लास वन तथा क्लास टू) को छोड़कर कम से कम 5 वर्ष से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को 20 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा और उक्त आरक्षण का लाभ सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा। इतना ही नहीं जिस पद पर संविदा पर हैं उस पद की 90 फीसदी सैलरी भी दी जाएगी।

मध्य प्रदेश के लगभग 38 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों को कुछ विभागों द्वारा तो 90 फीसदी सैलरी दी जा रही है तथा कुछ विभागों में फिक्स सैलरी दी जा रही है। लेकिन शासन स्तर पर की जाने वाली सीधी भर्तियों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

लोक सेवा आयोग द्वारा 2019, 2020 तथा 2021 की भर्तियों में भी संविदा कर्मियों को आरक्षण का लाभ नही दिया गया है । सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने शासन के पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र का पालन 90 दिवस के अंदर सुनिश्चित करें।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।