Health News – दिवाली पर नकली बादाम लेने से बचें; लेने से पहले ऐसे करें पहचान

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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सभी ड्राई फ्रूट्स में से बादाम काफी पसंद किया जाता है. क्योंकि ये ना सिर्फ टेस्ट में दमदार होता है, बल्कि इसमें पोषण भी कूट-कूटकर भरा होता है. आजकल दिवाली पर लोग घर आए मेहमानों को बादाम परोसते हैं या फिर गिफ्ट में भी देते हैं. जिस कारण इस त्योहार पर बादाम की डिमांड काफी बढ़ जाती है और यही मौका देखकर मुनाफाखोर बाजार में मिलावटी बादाम उतार देते हैं.
मिलावटी बादाम से ना सिर्फ आपकी जेब पर डकैती पड़ती है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए आप जब भी बादाम खरीदें, तो पहले ये आसान-सा टेस्ट जरूर ले लें.
मिलावटी बादाम की कैसे करें पहचान
 
 
बादाम से तेल निकाल कर चैक कर सकते हैं
बादाम के अंदर एक प्राकृतिक तेल होता है, जिसमें काफी मात्रा में पोषण होता है. इसे निकालने के बाद बादाम खोखला माना जाता है. हालांकि, बादाम से तेल निकालना इतना आसान नहीं है, लेकिन बाजार में इस काम को आसानी से अंजाम देने वाली मशीनें मौजूद हैं. इसकी पहचान करने के लिए आप कुछ बादाम को एक कागज पर दबाकर देखें. अगर इसमें पर्याप्त तेल मौजूद होगा, तो यह कागज पर तेल के निशान छोड़ देगा.
पोलिश से करें पहचान
बादाम जैसे-जैसे सूखता जाता है, उसका रंग गहरा होता रहता है. इसलिए उसे ताजा दिखाने के लिए हल्के रंग की पोलिश की जाती है. लेकिन आप इस मिलावटी बादाम को आसानी से पहचान सकते हैं. इसके लिए कुछ बादाम लेकर हथेली के बीच में रगड़ें. अगर बादाम पर पोलिश की गई होगी, तो वह हथेली पर रंग छोड़ देगा. इसके साथ ही अगर बादाम की पैकिंग पारदर्शी पैकेट में की गई है, तो उसके अंदर लाल रंग के कण दिखाई दे सकते हैं.
बादाम में मिलाई जाती है खुबानी की गिरी
कुछ लोग बादाम में खुबानी की गिरी मिला देते हैं, जो कि काफी हद तक बादाम की तरह दिखती है. लेकिन इनका आकार और रंग बादाम से हल्का होता है. इसलिए आप इन्हें देखकर आसानी से मिलावटी बादाम की पहचान कर सकते हैं.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।