Health News – कम पानी पीने से नींद पर हो सकता है असर- स्टडी 

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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पानी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. हालांकि पानी तो सभी पीते ही हैं लेकिन अगर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाए, तो इसके हेल्थ पर कई प्रभाव पड़ सकते हैं. शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन का असर नींद पर भी पड़ता है .कई रिसर्च हैं जो बताते हैं कि कम नींद का कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है. 2019 में हुए एक शोध के मुताबिक कम नींद आना डिहाइड्रेशन का कारण हो सकता है. शोध में ये नहीं पता चल सका है कि क्यों इसका असर नींद पर पड़ता है. यहां कुछ लक्षण हैं जो बताते हैं कि आपको डिहाइड्रेशन की समस्या है.

मांसपेशियों में ऐंठन

डिहाइड्रेशन या निर्जलीकरण मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकता है जो कभी-कभी काफ़ या पैर की मांसपेशियों में दर्दनाक कसाव पैदा कर सकता है, जिससे नींद आना मुश्किल हो जाता है. कई बार रात में उस व्यक्ति को जगाना भी मुश्किल हो जाता है. हमारी मांसपेशियों में 76 प्रतिशत पानी होता है. इसलिए जाहिर सी बात है की इसका असर हमारी सेहत पर ज़रूर पड़ेगा.

मांसपेशियों में दर्द

मांसपेशियों में दर्द भी डिहाइड्रेशन का एक कारण हो सकता है. कई बार काफ और पैरों में भयंकर दर्द होता है. इसके साथ ही मांसपेशियां अकड़ जाती हैं. जिससे व्यक्ति रात में सो नहीं पाता.

सिरदर्द

सिरदर्द और माइग्रेन का अटैक भी एक लक्षण है. जिससे सोने में दिक्कत आती है.

प्यास लगना

सुबह सुबह प्यास लगना या आधी रात में प्यास के कारण उठना भी अलार्मिंग हो सकता है.

मुंह सूखना

डिहाइड्रेशन की वजह से कई बार मुंह सूख जाता है. जिससे बेचैनी हो सकती है और नींद नहीं आती है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।