Health News – टीकाकरण नहीं करानेवालों को कोरोना संक्रमण से मरने की 10 गुना ज्यादा संभावना- रिसर्च 

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Health News: कोरोना महामारी के खिलाफ दुनिया भर में टीकाकरण अभियान जारी है, लेकिन अभी भी कुछ लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने से सावधानी बरत रहे हैं. वैक्सीन संकोच के पीछे एक वजह आबादी के कुछ वर्ग में इम्यूनिटी का कम होना है. विशेषज्ञ ऐसे लोगों के दिमाग से शक को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं और बार-बार महामारी को काबू करने के लिए टीकाकरण के महत्व पर जोर दे रहे हैं. अब अमेरिकी संस्था सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल की तीन नई रिसर्च मौत की दर रोकने में वैक्सीन के महत्व को रेखांकित करती है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैक्सीन लगवाने से इंकार करने वालों को टीकाकरण करा चुके लोगों के मुकाबले संक्रमण से मरने का 10 गुना ज्यादा संभावना है. एक रिसर्च कहती है कि मौजूदा वैक्सीन ज्यादातर लोगों को खतरनाक वायरल बीमारी के खिलाफ मजबूत सुरक्षा देती है और टीकाकरण करा चुके लोगों को अस्पताल में भर्ती होने या मरने का कम जोखिम होता है. लेकिन शोधकर्ताओं ने ये भी अवलोकन किया कि अस्पताल में भर्ती होने और मौत की दर टीकाकरण नहीं करानेवालों के बीच बहुत ज्यादा है. हालांकि, उन्होंने ये पाया कि समान जोखिम टीकाकरण कराने के बावजूद बुजुर्गों में भी मौजूद है.

एक रिसर्च में सीडीसी ने करीब 6 लाख लोगों के डेटा को 4 जुलाई से 17 जुलाई तक अमेरिका के 13 राज्यों और शहरों में देखा. शोधकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती होने और मौत को 18 वर्षीय लोगों में टीकाकरण की स्थिति के मुताबिक विश्लेषण किया. उन्होंने पाया कि वैक्सीन का असर कोविड-19 के खिलाफ 90 फीसद से कम होकर मध्य जून से मध्य जुलाई तक कम हो गया, जब डेल्टा प्रमुख वेरिएंट बन गया. शायद ही अस्पताल में भर्ती और मौत होने में पूरे समय के दौरान कोई गिरावट आई हो.

मॉडर्ना की वैक्सीन से सबसे अच्छी मिली सुरक्षा
दूसरी रिसर्च से खुलासा हुआ कि मॉडर्ना की वैक्सीन ने फाइजर या जॉनसन एंड जॉनस के मुकाबले डेल्टा वेरिएन्ट के खिलाफ बेहतर सुरक्षा दिया. विशेषज्ञों ने कहा कि मॉडर्ना की वैक्सीन 18 वर्षीय और उससे ज्यादा की उम्र के वयस्कों के बीच अस्पताल में भर्ती होने को रोकने में 95 फीसद असरदार साबित हुई. दूसरी तरफ, फाइजर की वैक्सीन 80 फीसद प्रभावी और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन मात्र 60 फीसद प्रभावी रही.

एमआरएनए वैक्सीन ज्यादा प्रभावी-विशेषज्ञ
तीसरी रिसर्च में फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना की वैक्सीन के असर को जांचा गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि एमआरएनए वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने को 87 फीसद रोकने में असरदार मिली और डेल्टा वेरिएन्ट से मजबूत सुरक्षा दी.

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