मध्यप्रदेश के हिंदी समाचार – MP News in Hindi

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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MP News in Hindi-1

युवक ने हॉकी से पुजारी को पीटा, एम्स में भर्ती

राजधानी भोपाल के अवधपुरी थाना इलाके में युवक द्वारा पुजारी के साथ हॉकी से मारपीट कर घायल किये जाने की घटना सामने आई है। थाना पुलिस के अनुसार शुभम पांडे पिता त्रिभुवन पांडे (25) ने अपनी शिकायत में बताया कि वो वह शिवलोक फेज-5 में रहता है, ओर उसी कॉलोनी में स्थित मंदिर का पुजारी है। बीते दिन मंदिर में पूजा के लिए जा रहे थे। उसी दौरान रास्ते में मिले आरोपी राजा मिश्रा ने उसके साथ गाली गलौच करते हुए हॉकी स्टिक से पीटना शुरू कर दिया, ओर उसे घायल कर मारने की धमकी देते हुए भाग गया। घायल शुभम पांडे को इलाज के लिये भोपाल एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि आरोपी के हमले में पुजारी को शरीर के कुछ हिस्सों में फ्रैक्चर हुए है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी राजा मिश्रा के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट सहित धमकी देने की धाराओं मे मामला कायम कर उसकी तलाश शुरु कर दी है। शुरुआती जांच मे विवाद का कारण पैसो के लेनदेन का बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फरियादी की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद प्रकरण में धारा बढ़ाई जाएगी।

MP News in Hindi-2

राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए प्रेक्षक नियुक्त

16वें राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों में वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया है। प्रेक्षक, मतपेटियों और निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा तथा परिवहन के लिए की गयी निर्वाचन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। साथ ही वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि निर्वाचन स्वतंत्र एवं निष्पक्ष हो।
भारतीय प्रशासनिक सेवा 1995 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार सतेन्द्र सिंह को मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति निर्वाचन के लिए प्रेक्षक बनाया गया है। इनका मोबाईल नं. 9934111171 है। श्री सिंह 16 जुलाई को अपराह्न 4 बजे दिल्ली से भोपाल पहुंचेंगे एवं 19 जुलाई को अपरान्ह में भोपाल से दिल्ली जायेंगे।

MP News in Hindi-3

विद्युत कंपनी द्वारा मैदानी स्तर पर वृहद निरीक्षण अभियान

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ देने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंपनी मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मैदानी स्तर पर वृहद निरीक्षण किया जाएगा। कंपनी द्वारा कंपनी मुख्यालय में पदस्थ मुख्य वित्तीय अधिकारी,  निदेशक, मुख्य महाप्रबंधक, उप मुख्य महाप्रबंधक, महाप्रबंधक एवं उपमहाप्रबंधकों को अपने अधीनस्थ वृत्त कार्यालय के निरीक्षण के लिए पाबंद किया गया है। कंपनी का मानना है कि इस निरीक्षण अभियान से एक ओर जहाँ उपभोक्ताओं की शिकायतें जल्द हल होंगी, वहीं दूसरी ओर विद्युत प्रणाली के सुधार में मदद मिलेगी।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि इस प्रकार का निरीक्षण निरंतर संचालित किया जाएगा। इससे कंपनी कार्यक्षेत्र के प्रत्येक जिले में हर स्तर पर प्रत्येक श्रेणी के उपभोक्ता को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी और बेहतर उपभोक्ता सेवाएँ मुहैया कराई जा सकेंगी। इस अभियान में किये जाने वाले कार्यों से उपभोक्ताओं को सही समय पर सही बिजली बिल मिलना, सही राशि के बिल, गलत बिल जारी नहीं होना, ऑनलाइन बिल जनरेट होना, ऑनलाइन पेमेंट अपडेट होना, कंज्यूमर इंडेक्सिंग, अमीटरीकृत कनेक्शनों में मीटर लगाना, मीटर संबंधी शिकायतें, समय पर सही रीडिंग होना, ट्रांसफार्मर संबंधी शिकायतें, विद्युत प्रदाय संबंधी शिकायतें, नवीन कनेक्शन संबंधी शिकायतों का निरीक्षण एवं निराकरण किया जाएगा। साथ ही कंपनी के राजस्व को बढ़ाने के लिए विद्यमान कनेक्शनों का भार सत्यापन, बिलिंग दक्षता में वृद्धि, फीडरवार सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी आदि उपायों पर प्रभावी अमल कर सुधार किया जाएगा।

MP News in Hindi-4

केंद्र के दिए बजट को मप्र सरकार नहीं कर पाई खर्च, वित्त विभाग ने वापस मांगा फंड

भोपाल। केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार को बड़ा झटका दिया है। केंद्र की योजनाओं के तहत बजट की राशि नहीं खर्च कर पाने पर केंद्रीय वित्त विभाग ने राज्य सरकार से फंड वापस लौटाने के लिए कहा है। वित्त विभाग ने इसके लिए 20 जुलाई तक की डेडलाइन दी है।
3500 करोड़ खर्च नहीं कर पाई सरकार
दरअसल, राज्य सरकार ने 31 मार्च 2022 तक केंद्र की योजनाओं के तहत मिले 3500 करोड़ की राशि खर्च नहीं कर पाई है। इसलिए केंद्रीय वित्त विभाग ने सभी विभागों को पत्रकर एसएनए अकाउंट में फंड जमा कराने के निर्देश दिए है। साथ ही फंड वापस नहीं करने पर चेतावनी भी दी है।
राशि जमा करने के लिए 20 जुलाई का समय
वित्त विभाग ने 20 जुलाई तक सभी विभागों को राशि जमा कराने की डेडलाइन दी है। तय समय पर फंड वापस नहीं लौटाने पर वित्त विभाग ने चेतावनी भी दी है। वित्त विभाग ने कहा कि- फंड वापस नहीं किया तो केंद्र सरकार योजनाओं के लिए राशि नहीं देगी।

MP News in Hindi-5

उमा भारती पर भाजपा सख्त, न कोई बोलेगा, न मिलेगा

-मप्र में शराबबंदी के बाद, हिमालय क्षेत्र में पावर प्रोजेक्टों पर सवाल उठाकर मोदी को भी छेड़ा
भोपाल। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अभी तक शराबबंदी की मांग को लेकर शिवराज सरकार की मुश्किलें बढ़ा रही थीं। अब उन्होंने हिमालय क्षेत्र में गंगा एवं उसकी सहयोगी नदियों पर 72 पॉवर प्रोजेक्ट बनाए जाने पर सवाल खड़े कर मोदी सरकार को भी छेड़ दिया है। भाजपा में फिलहाल उमा भारती पूरी तरह से अकेली पड़ चुकी हैं और वे सत्ता एवं संगठन के निशाने पर आ चुकी हैं। भाजपा में अब उमा भारती न तो कोई नेता बोलेगा और न ही उनसे पार्टी फोरम में किसी तरह की मुलाकात नहीं करेगा और नही कार्यक्रम में शामिल होगा। संगठन ने अंदरूनी तौर उमा को लेकर सभी नेताओं को संदेश भिजवा दिया है।
दरअसल, पंचायत एवं निकाय चुनाव के दौरान चुप्पी साधने के बाद उमा ने हाल ही में एक बार फिर प्रदेश में शराबबंदी को लेकर 2 अक्टूवर गांधी जयंती से आंदोलन की चेतावनी दे दी है। सूत्र बताते हैं कि उमा के इस रवैए पर मप्र भाजपा संगठन को कड़ा ऐतराज है। प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी नेता एवं कार्यकर्ताओं को उमा भारती से दूरी बनाने को कहा है। यंू तो प्रदेश में शराबबंदी का मुद्दा 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले से ही गहराया हुआ है, लेकिन 2020 चौथी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद उमा भारती ने शराबबंदी के मुद्दे को तूल दिया है। वे लगातार शराबबंदी को लेकर आंदोलन की चेतावनी देती आ रही हैं, लेकिन किसी न किसी कारण से वे हर बार टालती रही हैं। उमा ने एक बार फिर शराबबंदी को लेकर आंदोलन की धमकी दी है।
उमा को कार्रवाई का अंदेशा
उमा भारती लगातार अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही हैं। ऐेसे में उन्हें इस बात का अंदेशा है कि अनुशासनहीनता मामले में उन पर कार्रवाई हो सकती है। उमा भारती ने पिछले दिनों खुद ट्वीट का इसका खुलासा किया था कि उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य को रखा लेकिन पदाधिकारी नहीं बनाया।
गंगा और हिमालय बचाने पावर प्रोजेक्ट पर उठाए्र सवाल
उमा भारती मप्र में शराबबंदी की मांग के साथ-साथ मोदी सरकार द्वारा उत्तराखंड में हिमालय क्षेत्र में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों पर 72 पावर प्रोजेक्ट स्वीकृत करने पर सवाल उठा चुकी हैं। इन प्रोजेक्ट को उमा ने भारत के पर्यावरण के सबसे बड़ा नुकसान बताया है। साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि मेरे गंगा सफाई अभियान की मंत्री रहते पॉवर प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में जो एफिडेविट दिया था वह सरकार के फैसले के विपरीत था।
 
 
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।