Indore News. इंदौर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इंदौर में संचालित उद्योगों में कोयला, लकड़ी के उपयोग को प्रतिबंधित किया जाएगा। 168 छोटे व बड़े उद्योगों को चिन्हित किया गया है, अब यहां पर संचालित बॉयलर को सीएनजी में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व संबंधित विभागों की टीमें निरीक्षण भी करेगी।
गुरुवार को सिटी बस आफिस में कलेक्टर मनीष सिंह ने नगर निगम, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, मप्र प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के बिंदुओं पर बात की। बैठक में तय किया गया शहर में अब अलावा भी नहीं जलाए जाएंगे। इसके अलावा ईंट भट्टो, दाल मिल से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाई जाएगी। होटलों में उपयोग होने वाले तंदूर भी सीएनजी वाले चलाए जा सके। इसके अलावा शहर में विद्युत चलित व गैस चलित शवदाह गृहों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। शहर में जहां कही भी भवनों की टूट-फूट होगी या निर्माण होगा वहां पर धूल न उड़े उसके लिए लगातार उस क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी करवाया जाएगा।
वाहनों की पीयूसी जांच बढ़ाई जाएगी
कलेक्टर ने परिवहन विभाग को निर्देशित कर शहर में वाहनों की पीयूसी जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। ट्रेफिक पुलिस व परिवहन विभाग इसके लिए वाहन चालकों पर सख्ती भी करेगा। शहर में चलने वाले लोडिंग रिक्शा वाहनों को विद्युत चलित वाहनों में तब्दील किया जाएगा। जिन रिक्शा चालकों को विद्युत चलित वाहन खरीदना होंगे उन्हें बैंक से लोन भी दिलवाया जाएगा।


