Indore News – कपड़े के थेले को प्रोत्साहित करने के लिये कलेक्टर की अनूठी पहल

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Indore News. इन्दौर शहर में पर्यावरण सुधार के लिये अभिनव प्रयास किये जा रहे है। इसके लिये “मैं हूँ झोलाधारी इन्दौरी” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पॉलिथीन के जगह कपड़े के थेले को प्रोत्साहित करने के लिये कलेक्टर मनीष सिंह ने अनूठी पहल की है। कलेक्टर मनीष सिंह ने उस समय सबको अचंभित कर दिया जब वे स्वयं सिलाई मशीन पर बैठे और स्वयं कपड़े का झोला सिलने लगे। उन्होंने यह कार्य कर नागरिकों को यह संदेश कि वे पॉलिथीन की जगह कपड़े का झोला उपयोग में लाये। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी ने भी स्वयं अपने हाथों से कपड़ा काटकर उससे झोला तैयार किया। इस अवसर पर संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल ने भी सिलाई मशीन से झोले की सिलाई की।
कपड़े इकट्ठे कर झोले बनाकर देगा एनजीओ
नगर निगम से जुड़े 4 एनजीओ को 4 रिक्शा दिए गए हैं। ये दिनभर में घर-घर, गली-गली, घूमकर पुराने कपड़े जमा करेंगे और झोले बनाकर बांटेंगे। इन एनजीओ ने काफी कपड़े इकट्ठे करा लिए है। कल से ‘झोलाछाप इंदौरी’ अभियान शुरू किया गया है। स्वयंसेवी संस्थाओं की एक दर्जन महिलाएं झोले तैयार कर बांटेगी। नगर निगम चाहता है कि इंदौर पॉलिथीन प्लास्टिक के प्रदूषण से मुक्त हो। सड़कों पर यहां-वहां पोलिथीन उड़ता नजर नहीं आए। एनजीओ के कार्यकर्ताओं ने झोले की दुकानें जगह-जगह लगाई है।
इंदौर का यह जागरूकता अभियान स्वच्छ इंदौर की तरह देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा स्त्रोत बनेगा ऐसी उम्मीद नगर निगम व उससे संबंधित एनजीओ को है। देश के सभी शहरों में ऐसे झोला अभियान चलाए गए तो पोलिथीन के प्रदूषण से मुक्ति मिल जाएगी।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।