Indore News – अधिकृत अस्पतालों में ही होगा कोविड का इलाज

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

*आईएमए, पीड्रियॉटिक एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक संपन्न
*अनुमति प्राप्त किये बगैर कोविड का इलाज करने वाले अस्पतालों के विरूद्ध होगी कार्रवाई

*निर्धारित दरों पर ही कोविड का इलाज करने के दिये गये निर्देश
*कोविड के इलाज के लिये बनेगा प्रोटोकॉल
Indore News. इन्दौर जिले में कोरोना के इलाज के लिये लगभग 50 अस्पतालों को अनुमति प्रदान की गई है। अनुमति प्राप्त किये बगैर कोविड का इलाज करने वाले अस्पतालों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। अस्पताल संचालकों को निर्देश दिये गये कि वे निर्धारित दरों पर ही कोविड का इलाज करें। निर्धारित दर से अधिक राशि लेने वाले अस्पताल संचालकों के विरूद्ध भी कार्रवाई होगी।
यह जानकारी आईएमए, पीड्रियॉटिक एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद शंकर लालवानी ने की। इस अवसर पर कलेक्टर मनीष सिंह, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे सहित उपरोक्त एसोसिएशन के पदाधिकारीगण मौजूद थे। बैठक में निर्देश दिये गये कि बगैर अनुमति के कोई भी अस्पताल कोविड का इलाज नहीं करें।
बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि पूर्व अनुभव के अनुसार कोविड के इलाज में अस्पतालों ने बेहतर सहयोग दिया था। इसी तरह का सहयोग कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में भी दिया जाये। अस्पताल संचालक कोरोना के इलाज के लिये अपने यहां सभी आवश्यक संसाधन, सुविधाएं और प्रबंध रखें।
बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने निर्देश दिये कि सभी अस्पताल निर्धारित दर से इलाज करें। जनता को परेशान नहीं करें। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने पर कार्रवाई होगी। बगैर अनुमति के कोई भी नया अस्पताल शुरू नहीं किया जाये।
बैठक में राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति बनाकर इलाज का प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलाज में लगने वाली दवाईयों का आंकलन कर उसकी उपलब्धता और सहजता के साथ वितरण की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।