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Indore News: शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वालों पर एफआईआर दर्ज

गरीबों के जीवन भर की कमाई लुट गई, ग्रीन बेल्ट, शासकीय भूमि, बगैर अनुमति और डायवर्शन के लोगों को बेच दिए प्लॉट
 
Indore News: नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने मंगलवार को कॉलोनी सेल की समीक्षा बैठक करते हुए चार अवैध कॉलोनी का वालों पर एफआईआर दर्ज करने और बंधक प्लॉटों को बेचने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के साथ अवैध निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। धार रोड, पीपल्याकुमार और बायपास क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनियों में धोखाधड़ी कर सैकड़ों गरीबों को प्लॉट बेचे जा चुके हैं, जिसके चलते सैकड़ों गरीबों के जीवनभर की पूंजी खत्म हो जाएगी। फिलहाल जिन लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई, उनके रुपए वापस दिलाने के लिए निगम प्रशासन के पास कोई प्रावधान नहीं है। आयुक्त पाल ने बताया अवैध कॉलोनियों के निर्माण से नागरिकों को बिना कोई विकास किए अवैध रूप से कॉलोनी में प्लॉट का विक्रय किया जाकर नागरिकों के धोखाधड़ी करने की भी प्रबल संभावना रहती है, जिसके कारण नागरिकों को नुकसान के साथ परेशान भी होना पड़ता है। ऐसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव रहता है। इसीलिए धोखाधड़ी करने वालों पर भवन अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
 
निगम आयुक्त पाल ने बताया खुली भूमि पर छोटे-छोटे प्लॉट गरीबों को बेचकर अवैध कॉलोनी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। पूर्व निगम आयुक्त द्वारा अवैध कॉलोनी के विकास एवं निर्माण कार्य को ध्वस्थ किया गया था, जिसे पुनः उक्त व्यक्तियों द्वारा भूमि का डायवर्शन नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से कॉलोनाइजर लाइसेंस विकास की अनुमति, भवन अनुमति इत्यादि नहीं कराते हुए अवैध रूप से कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। निगम ने बायपास पर बगैर अनुमति के निर्माण किए गए भवन सहित अन्य दुकानों पर कार्रवाई कर नोटिस जारी किए हैं।
 
तीन जोन में शासकीय भूमि पर काटी जा रही थी ये कॉलोनियां
 
जोन 13 ग्राम लिम्बोदी में खसरा क्रमांक 135 एवं 111/2 पर कॉलोनाइजर गुलाब पटेल, अमन मुल्लर, राहुल दात्रे व अन्य द्वारा अवैध कॉलोनी का निर्माण पाया गया, जिस पर निगम द्वारा संबंधित के विरुद्ध नोटिस जारी कर स्थल का पंचनामा बनाया गया तथा अवैध कॉलोनी निर्माण करने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। जोन 13 में कैलोद करताल की भूमि सर्वे नंबर 936/3, 936/2 पर बायपास के पास अवैध कॉलोनी का विकास कॉलोनाइजर दिलीप पिता बाबूलाल, कैलाश शर्मा व अन्य द्वारा करते हुए पाया गया तथा उक्त स्थल पर मकानों का निर्माण, सड़क निर्माण, फॅसिंग इत्यादि कर अवैध कॉलोनी का निर्माण, उक्त स्थल पर मकानों का निर्माण होने पर उक्त अवैध कॉलोनी के कॉलोनाइजर दिलीप पिता बाबूलाल, कैलाश शर्मा व अन्य के विरुद्ध एफआईआर की कार्रवाई की गई। ग्राम बिलावली की भूमि खसरा क्रमांक) 88/1/2 एवं 91/2 पर कॉलोनाइजर जितेन्द्र शादीना द्वारा अवैध रूप से कॉलोनी का विकास कराए जाने के साथ ही उक्त स्थल पर बिना भूमि का डायवर्शन, बिना विकास अनुमति लिए निर्माण किया जा रहा था। जोन 19 शैलेश गर्ग भवानी प्रसाद गर्ग भूपेन्द्र गर्ग 679 ग्रेटर ब्रजेश्वरी खसरा नंबर 625/1 पीपल्याहाना इंदौर पर शासकीय भूमि पर निर्माण करने की शिकायत पर तत्काल निर्माण कार्य बंद करने व किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने संबंधित नोटिस जारी किया गया।
 
जोन 8 के अंतर्गत भवन अधिकारी द्वारा बायपास में लग कर विभिन्न भवनों को चिह्नित किया गया। इनमें स्टोन गैलेक्सी, महिन्द्रा शोरुम, संगम प्राइड, अनुष्का मार्बल जैसी व्यावसायिक इकाइयां शामिल हैं, साथ ही बायपास पर कई ढाबे भी चल रहे हैं, जैसे कार-ओ-बार, जम्मू-कश्मीर ढाबा, गिल ढाबा व अन्य निर्माण के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा जोन क्षेत्र के अंतर्गत सर्वे खसरा क्रमांक 137/1 पर ग्राम पिपल्याकुमार मयूरी पार्क के नाम से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी संबंधित कॉलोनाइजर फर्म मारुति बिल्डर मनीष वर्मा राजेन्द्र वर्मा के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाकर विकास कार्य बंद कराया गया।
 
बंधक भूखण्ड बेचने पर एफआईआर दर्ज
 
वहीं कॉलोनी सेल विभाग व भवन अनुज्ञा शाखा एवं अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में समीक्षा बैठक में पाया कि ग्राम छोटा बांगड़दा तहसील व जिला इंदौर की भूमि सर्वे क्रमांक 311/1/2. 312, 315/3 कुल रकबा 2.374 हेक्टेयर भूमि पर निगम द्वारा विकास अनुमति पत्र जारी किया गया था। कॉलोनाइजर योगेन्द्र पिता बहोरनलाल यादव 122, गोविंद कॉलोनी बाणगंगा इंदौर द्वारा विकास कार्य पेटे ई-पंजीयन द्वारा दिनांक 19 जनवरी 2021 को भूखण्ड क्रमांक 01 02 03 04, 05, 06, 07, 10, 14, 99, 115, 116, 121, 122,127 128, 133 134 इस प्रकार कुल 18 “भूखण्ड, जिनका कुल क्षेत्रफल 20336 वर्गफीट अर्थात 1889.96 वर्गमीटर धरोहर के रूप में नगर निगम इंदौर के पास बंधक रखे गए थे। उसमें से भूखण्ड क्रमांक 10 एवं 14 कॉलोनाइजर द्वारा पूर्व में ही वर्ष 2016 में बेचकर उसकी रजिस्ट्री कराई गई है। उक्त क्रम में निगम के कॉलोनी सेल विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा कॉलोनाइजर योगेन्द्र यादव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण चाहा गया था, कॉलोनाइजर द्वारा विकास अनुमति के पूर्व ही धरोहर रखे गए भूखण्ड क्रमांक 10 एवं 14 से विक्रय करने से मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्त) नियम 1988 का उल्लंघन होकर निगम के साथ धोखाधड़ी किए जाने का कृत्य होने से निगम द्वारा कॉलोनाइजर योगेन्द्र यादव के विरुद्ध थाना एरोड्रम रोड इंदौर में आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की कार्रवाई की गई।
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