Indore News – भारतीय संस्कृति में नृत्य को कला ही नही, ईश्वर साधना माना गया है : राज्यपाल 

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खजुराहो नृत्य समारोह में आठ देशों के राजनयिकों ने की शिरकत 

इन्दौर। प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 48वें खजुराहो नृत्य समारोह का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। खजुराहो के कंदरिया महादेव माँ जगदम्बा के प्रांगण में रविवार को समारोह का आयोजन हुआ। भारतीय संस्कृति में नृत्य कला ही नही, ईश्वर साधना माना गया है। नृत्य कला सार्व भोम कला है। यह प्रकृति की सहजता से जुडी है। कला के विभिन्न रूप देखकर मन प्रफुल्लित है भारत की संस्कृति विरासत को जानने का अवसर मिला है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि 48वें समारोह का शुभारंभ करके उन्हें आत्मीय खुशी हुई है।
:: खजुराहो में स्थापित होगा शास्त्रीय नृत्य का संदर्भ केंद्र : मंत्री सुश्री ठाकुर
संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि मंदिरो की परम्परा से नृत्य शैली का उद्गम हुआ है। उन्होंने खजुराहो में शास्त्रीय नृत्य का संदर्भ का केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और छतरपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि संस्कृति विभाग ने खजुराहो  नृत्य समारोह के आयोजन को नई दिशा दी है। अर्थ के साथ अध्यातम को जोड़ने का उदाहरण केवल भारत मे ही मिलता है। खजुराहो मे स्थापित मंदिरों की लोक कला गाथा और गणित का सर्व श्रेष्ठ उदाहरण और कहीं नही मिलता है।
खजुराहो सांसद बी.डी. शर्मा ने कहा कि खजुराहो विश्व के पटल पर उभरने वाला क्षेत्र है। यहां कला संस्कृति, अध्यातम का अनूठा संगम है। यहां पर्यटन के साथ एयर और रोड कनेक्टविटी की सुविधा बेहतर हो रही है।
इस अवसर पर कालिदास सम्मान पुरस्कार सहित विभिन्न विधाओं के पुरस्कार प्रदाय किये गये। राज्यपाल पटेल ने देशों के राजदूत और उच्चायुक्त से परिचय प्राप्त किया। राज्यपाल पटेल ने कथक के लिये सुमेधा हजारी लाल भरत नाट्यम के लिये वीपी धनंजयन और सुश्री शांता धनंजय को शॉल श्रीफल, सम्मान पट्टीका और सम्मान राशि भेंट की। इसी तरह प्रिया सिसोदिया, दुर्गेश बिरथरे, नरेंद्र जाटव, संजय धवले, पुनीत शर्मा, सुश्री अग्निशा, ऋतुराज श्रीवास्तव और डॉ. सोनाली चौहान को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।

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