Indore News – इंदौर में जावेद हबीब के सैलून, ट्रेनिंग सेंटर 48 घंटे में प्रशासन बंद कराएं या हम आंदोलन करेंगे – विजयवर्गीय

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जावेद हबीब के खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है

Indore News.मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब द्वारा लाइव शो में बाल काटते समय महिला के बालों पर थूकने के बाद हबीब के खिलाफ आक्रोश का माहौल है। इंदौर के विधानसभा क्रमांक-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भी हबीब मामले में वीडियो के माध्यम से शहर के सभी आला अधिकारियों को 48 घंटे का समय देते हुए शहर में चल रहे हबीब के सभी सैलून व ट्रेनिंग सेंटर बंद कराने के लिए कहा है। ऐसा नहीं होने पर विधायक ने चेतावनी भरे लहजे में आंदोलन करने की बात कही है। विजयवर्गीय ने कहा है कि हमने शहर में हबीब का कोई भी सैलून या ट्रेनिंग सेंटर नहीं चलने देने का संकल्प लिया है। अगर प्रशासन ने इन्हें बंद नहीं कराया तो हम आंदोलन करेंगे।

उधर, मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाने में हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब के खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित महिला पूजा गुप्ता ने उक्त मामले में सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की थी।

हबीब ने इंस्टाग्राम पर मांगी माफी

हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने गुरुवार देर रात इंस्टाग्राम पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि मेरे सेमिनार में कुछ शब्दों को लेकर लोगों को ठेस पहुंची है। एक ही बात बोलना चाहूंगा, हमारे जो सेमिनार होते हैं ना, यह प्रोफेशनल सेमिनार हैं। मतलब जो लोग हमारे प्रोफेशन में काम करते हैं। यह हमारे लंबे शो होते हैं। एक ही बात बोलता हूं, दिल से बोलता हूं। अगर आपको सच्ची में ठेस पहुंची है, हर्ट हुए हैं तो माफ करो ना। सॉरी, दिल से माफी मांगता हूं।महिला आयोग ने यूपी पुलिस को लिखा खत

राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश पुलिस से उस कथित वीडियो की सत्यता की जांच करने को कहा है, जिसमें हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब एक महिला के सिर पर बालों की स्टाइलिंग करते हुए थूकते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हबीब द्वारा आयोजित एक कार्यशाला के दौरान की बताई जा रही है। आयोग ने इस घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। आयोग ने कहा है कि हम न केवल इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, बल्कि कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई के लिए इस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के लिए मामले में आपके तत्काल हस्तक्षेप की भी मांग करते हैं।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।