Indore News – सहारा इंडिया का राष्ट्रव्यापी आंदोलन:  8 नवंबर को इंदौर स्थित सेबी कार्यालय के सामने होगा धरना प्रदर्शन

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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निवेशकों के अरबों खरबों रुपए डकारने के आरोपों में घिरी सहारा इंडिया अब सेबी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने जा रही है। सहारा इंडिया का आरोप है कि सेबी ने उसका आर्थिक दमन किया है और इसलिए देशभर में स्थित सेबी के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। सहारा इंडिया के अधिकारी कर्मचारी 8 नवंबर को इंदौर में स्थित सेबी के कार्यालय का घेराव करेंगे।

दरअसल यह सहारा की देशव्यापी मुहिम का ही हिस्सा है जिसके तहत कार्यकर्ताओं के द्वारा निवेशकर्ताओं के साथ देश भर में स्थित सेबी के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन और सेबी प्रबंधन को ज्ञापन देने का कार्यक्रम किया जाना है। इसके लिए बाकायदा देशभर में स्थित सभी कार्यालयों में एक 13 पेज का प्रपत्र भेजा गया है जिसमें पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि सेबी के कार्यालय से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी पर एकत्र होकर सेबी के द्वारा की जा रही हठधर्मिता के बारे में निवेशकों को बताया जाए और उसके बाद नारे भी लगाए जाएं। जुलूस को बड़ा बनाने के लिए गाड़ियां भी इकट्ठी हो। इनमें बैनर पोस्टर चिपके हो। इसके बाद सेबी के स्थानीय प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा जाए।

प्रबंधन के माध्यम से सेबी के अध्यक्ष को दिए जाने वाले ज्ञापन का भी प्रोफार्मा इस पूरे प्रपत्र में दिया गया है। इस ज्ञापन में साफ लिखा गया है कि किस तरह से सेबी हठधर्मिता पर उतर आया है और सहारा के जमा पैसे नहीं लौटा रहा है। पत्र के अंत में लिखा गया है कि यदि पैसे नहीं लौटाए गए तो एजेंट और निवेशक गण धीरे धीरे मृत्यु के कगार पर आ जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सेबी की होगी यानी साफ तौर पर सेबी को धमकाने जैसी रणनीति बनाई जा रही है। सेबी पहले ही सुप्रीम कोर्ट से कह चुका है कि सहारा के द्वारा दो कंपनियों में निवेश किए गए पैसे के बारे में जो भी जानकारी दी गई है उससे वह संतुष्ट नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और जिसमें सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि सेबी सही है या सहारा तो फिर बीच मामला चलते आखिरकार सहारा ऐसा कैसे कर रहा है, यह समझ से परे है। सहारा से जुड़े लोगों का कहना है कि यह एजेंटों और निवेशकों का ध्यान भटकाने की रणनीति है।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।