Indore News – कपड़े पर जीएसटी दरें बढ़ने के विरोध में लामबंद कारोबारी, सरकार के खिलाफ व्यापारियों में आक्रोश

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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कपड़े पर जीएसटी की दरें बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद व्यापारियों के विरोध पर मौन बनी केंद्र सरकार के खिलाफ बाजारों में आक्रोश फूटने लगा है।
बुधवार को प्रदेश के सबसे बड़े थोक कपड़ा मार्केट महाराजा तुकोजीराव क्लॉथ मार्केट मर्चेंट एसोसिएशन कमेटी हाल में कारोबारियों की बड़ी बैठक हुई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ करीब दो सौ थोक कारोबारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
तय किया गया कि बढ़े जीएसटी के विरोध में सप्ताहभर में एक लाख पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को लिखे जाएंगे। साथ ही अब लोगों के बीच पहुंचकर कारोबारी विरोध आंदोलन खड़ा करेंगे।
बीते दिनों बड़ी कपड़ा उत्पादक मंडियों सूरत भीलवाड़ा, पानीपत, पाली, मुंबई की एसोसिएशन के साथ इंदौर की एसोसिएशन की ऑनलाइन बैठक हो चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर विरोध आंदोलन खड़ा करने की योजना बनने के बाद इंदौर में ताजा बैठक बुलाई गई।
क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज जैन, मंत्री कैलाश मूंगड़ के साथ उपाध्यक्ष रजनीश चौरड़िया व पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि इंदौर की एसोसिएशन को जिम्मा मिला है कि पूरे मप्र के थोक-खेरची कपड़ा कारोबारियों के संगठनों को एकजुट करे और प्रदेश स्तर पर विरोध आंदोलन चलाए।
केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है इसलिए अब सड़क पर उतरकर आंदोलन करना जरूरी हो गया है। व्यापारियों को लंबा आंदोलन चलाने के लिए कमर कस लेना चाहिए।
शुरुआत पोस्टकार्ड लिखने से होगी। सप्ताहभर में एक लाख पोस्टकार्ड इंदौर से प्रधानमंत्री को भेजना है। व्यापारियों को पोस्टकार्ड पर लिखे जाने वाले विरोध संदेश के साथ प्रधानमंत्री का पता छपे कार्ड भी एसोसिएशन ने बांटना शुरू कर दिया है।
बैठक में बढ़ रहे टैक्स के खिलाफ कारोबारियों का आक्रोश नजर आया। अरुण बाकलीवाल, मनोज नीमा, गिरीश काबरा समेत तमाम कारोबारियों ने कहा कि दो साल के कोरोना दौर से होटल के साथ कपड़ा कारोबार ही सबसे ज्यादा पस्त हुआ है।
कपड़ा कारोबार तो अब तक पटरी पर नहीं लौटा। अब व्यापार सीमित होने के साथ नगद में हो रहा। लागत दोगुनी हो गई है। ऐसे में टैक्स की दर पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने से कमर ही तोड़ देगा।
शिवकुमार जगवानी, चंद्रप्रकाश गंगवाल आदि ने सुझाव दिया कि लोगों के बीच जाकर उन्हें बताना होगा कि टैक्स की मार उपभोक्ता पर ही पड़ेगी।
तय किया गया कि आगे धरना-प्रदर्शन तो होगा ही उससे पहले लोगों से मिलकर चौराहे-चौराहे पर खड़े होकर व्यापारी लोगों को जीएसटी दर बढ़ने के नुकसान भी बताएंगे।
आगे जरूरत पड़ने पर थाली बजाने से लेकर एक साथ पूरे शहर और फिर प्रदेश के बाजार बंद करवाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर बंद में भी इंदौर शामिल रहेगा।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।