मीटर परीक्षण कराकर उपभोक्ताओं को कम समय में मिलेगी संतुष्टि
सदभावना पाती
बिजली वितरण कंपनी मीटरीकरण में तेजी के लिए मीटरों के परीक्षण की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं तैयार कर रही है। इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बड़वाह, बुरहानपुर, देवास, मंदसौर, धार आदि स्थानों पर कम्प्यूटराइज्ड आटोमेटिक टेस्टिंग बँचें स्थापित की गई। है। उच्च स्तर की इन परीक्षण प्रयोगशालाओं पर 9 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। इससे मीटरीकरण में तेजी आएगी, साथ ही जिन उपभोक्ताओं को मीटर पर संदेह लगेगा, वे अत्यंत कम समय में परीक्षण कराकर संतुष्टि प्राप्त कर सकेंगे।
बिजली कंपनी के मुख्य अभियंता मीटर परीक्षण आरएस खत्री ने बताया कि, मीटर टेस्टिंग कार्य को तेजी से एवं सबसे अत्याधुनिक रूप में करने के लिए सभी प्रमुख प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया गया है। इन स्थानों पर पूर्णत: कम्प्यूटराइज्ड रिपोर्ट अत्यंत कम समय में प्रदान की जा सकेगी। इससे मीटरीकरण कार्य में भी तेजी आएगी, क्योंकि उपयोग के पहले बिजली कंपनी सभी मीटरों की स्वयं की प्रयोगशाला में भी जांच करती है। इसके साथ ही विजिलेंस एवं अन्य प्रकरणों के कार्यों के साथ ही उपभोक्ता संतुष्टि की दिशा में भी ये अत्याधुनिक मीटर परीक्षण स्थल कारगर साबित होंगे। गत दिनों बड़वाह की अत्याधुनिक प्रयोगशाला का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक संजय मोहासे, अधीक्षण यंत्री मीटर परीक्षण अचल जैन एवं खरगोन के अधीक्षण यंत्री डीके गाठे ने किया था। कंपनी क्षेत्र की मासिक मीटर परीक्षण क्षमता एक पारी के हिसाब से 58 हजार मीटर हो गई है। तीन पारी में यह तिगुनी तक हो सकती है।
इंदौर व उज्जैन में एनएबीएल की तैयारी
मीटर परीक्षण प्रयोगशालाओं में से इंदौर और उज्जैन को सबसे अत्याधुनिक एवं राष्ट्रीय स्तर के पैमाने वाला स्वरूप दिया गया है। नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फॉर कालिब्रेशन एंड लेबोरेटरी (एनएबीएल) स्तर की ये दोनों प्रयोगशालाएं आगामी तीन माह में एनएबीएल प्रमाणीकृत हो जाएंगी। इससे वर्तमान में खरीदे गए मीटरों के अभा स्तर की लेब में भेजने पर होने वाले खर्च एवं समय बचेगा।

