Indore News – प्राधिकरण की योजना में शामिल जमीन का वास्तविक मालिक कौन, बटांकन नकल मांगी

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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टीपीएस योजना के लिए 15 दिन के भीतर भूस्वामी को देना होंगे दस्तावेज
विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण योजना टीपीएस 1,3,4,5 का सीमांकन पूरी तरह से होने के बाद अब जमीन का वास्तविक मालिक कौन ? इसके लिए बटांकन की नकल आदि दस्तावेज लेकर प्राधिकरण कार्यालय उपस्थित रहने के लिए पत्र भेजे हैं। पत्र जारी होने के दिनांक से 15 दिन के भीतर उक्त दस्तावेज प्राधिकरण कार्यालय में तलब किए गए हैं। उक्त सभी दस्तावेज के साथ ही अगले 6 महीने में नोटिफिकेशन उक्त योजना का होना है इसलिए विकास प्राधिकरण प्रत्येक स्कीम के क्षेत्रफल के अनुसार काम करने के लिए जमीन मालिकों से भी अनुबंध किया जा सकता है। यही कारण है कि अभी हाल ही में उक्त योजनाओं की जमीन दस्तावेजों में एक ही खसरे पर कई लोगों के नाम आ रहे हैं। इसमें किसान से लेकर भू स्वामियों के नाम अधिक होने के कारण विकास प्राधिकरण के सामने जमीन का असली मालिक कौन ? इस पर परेशानी खड़ी हो गई है इसलिए इसका रास्ता निकालते हुए सभी को विकास प्राधिकरण की ओर से पत्र जारी किए गए हैं जिसमें उन्हें 15 दिन के भीतर दस्तावेज लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें खसरे के बटांकन, नक्शे आदि दस्तावेज की प्राधिकरण अफसर जांच कराएंगे और उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। प्राधिकरण की उक्त स्कीम का सीमांकन तहसील कार्यालय से हो चुका है अब इस परेशानी को देखते हुए वास्तविक भू मालिक व किसानों को पत्र भेजे गए हैं।
भू अर्जन अधिकारी नरेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि एक ही खसरे पर कई नाम होने से परेशानी है इसलिए बटांकन, नक्शे आदि दस्तावेज हमने मांगे हैं। जमीन मालिक या किसान दस्तावेज लेकर आने पर उसकी जांच होगी उसके बाद ही हम कोई फैसला कर पाएंगे। हमने भूस्वामी व किसानों को आईडीए की ओर से पत्र जारी कर दिए हैं और 15 दिन में बटांकन नक्शे तलब किए हैं।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।