इंदौर : पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग को लेकर अध्यापकों ने निकाली रैली, मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन 

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मांग नही मानी तो 3 अप्रैल को पुनः भोपाल की सड़कों पर उतरने को होंगे मजबूर

इंदौर.  पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चे के तत्वाधान में इंदौर जिले के समस्त पेंशन विहीन संघो ने संयुक्त रूप से आज प्रांतीय आव्हान पर रैली  निकालकर माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम एसडीएम अंशुल खरे को ज्ञापन दिया।
इस महारैली में समस्त अध्यापको/कर्मचारियों के चेहरे पर साफ रूप से शेयर आधारित बाजारी कृत अंशदायी पेंशन के खिलाफ आक्रोश दिखाई दिया।
 मजबूती से पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए ” एनपीएस- भारत छोड़ो,'” ओपीएस हमारा- अधिकार हैं।
” बुढापे का सहारा-पुरानी पेंशन”ओल्ड पेंशन लेकर रहेंगे,की हम हमारा अधिकार मांगते-नहीं किसी से भीख मांगते के नारो से कलेक्टर कार्यालय गुंजायमान हुवा।
एसडीएम अंशुल खरे ने कर्मचारियों की पीड़ा को समझते हुए  शासन को अवगत कराने का आश्वाशन दिया।
इस रैली में सेकड़ो अध्यापक शामिल हुए, रैली के पूर्व मालव कन्या स्कूल प्रांगण में एक बड़ी सभा हुई जिसमें सभी ने ओल्ड पेंशन बहाली की सयुक्त रूप से मांग करते हुए  एनपीएस भारत छोड़ो का नारा बुलंद किया।
इस अवसर पर भारत भार्गव ने अपने उद्बोबोधन में कहा कि “यह सरासर अन्याय है कि हमारा वाजिब हक़ सरकार ने छीन कर हमें एनपीएस जैसी काली व शोषणकारी नीति के तहत बर्बाद होने के लिए झोंक रखा है।
अगर समय रहते हमारी मांग नही मानी तो हम भोपाल की सड़कों को भर देंगे।

वही शिल्पी शिवान ने अपने उदबोधन में कहा कि बिना आंदोलन हम कर्मचारियों को कभी कुछ नहीं मिला, लगभग ढाई हजार से अधिक अध्यापक मौत के गाल में समा गए आज अंशदायी पेंशन की काली नीति के कारण आश्रित परिवार सड़को पर मजदूरी करने को मजबूर हैं।

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