मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर दंपति के लॉकर्स ने उगली काली कमाई, EOW की टीम कर रही हैं गिनती

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जबलपुर. आय से अधिक संपत्ति मामले में  EOW की जांच में फंसे जबलपुर  मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर दंपति के बैंक लॉकर्स भी काली कमाई उगल रहे हैं. उनके खातों से महंगे जेवरात और अकूत संपत्ति के कागजात निकल रहे हैं.

ये डॉक्टर दंपति इतनी काली कमाई (Black Money) कर चुका है कि EOW की टीमें अब तक गिनती में ही जुटी हुई हैं.

19 मार्च को EOW की टीम ने जबलपुर के धनवंतरी नगर स्थित प्रोफेसर अशोक साहू और उनकी पत्नी प्रोफेसर तृप्ति गुप्ता के घर पर छापा मारा था. मामला काली कमाई का था. प्राथमिक तौर पर ही उनकी तय आय से 72 फ़ीसदी अधिक संपत्ति का पता चल गया था. उसके बाद से जांच जारी थी. अब बैंक लॉकर खोले गए तो उसमें से और अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है.

लॉकर ने उगला सोना

EOW की टीम को प्रोफेसर अशोक साहू और उनकी पत्नी प्रोफेसर तृप्ति गुप्ता के लॉकर से अब तक – 257 ग्राम सोना- 1 किलो 740 ग्राम चांदी- 3 लाख 9 हज़ार रुपये नगद राशि मिली है.

इसके साथ ही तेंदूखेड़ा में 4 एकड़ कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं. इन्हें मिलाकर अब तक 3 भूखंडों में 2 करोड़ 34 लाख की लागत से भवन का निर्माण और कई दस्तावेज मिले हैं.

हैरत की बात यह है कि 20 तारीख के बाद से ही प्रोफेसर दंपति का पता नहीं चला है. उनके घर पर भी ताला लटका हुआ है. EOW ने प्रोफेसर दंपति को पूछताछ के लिए 20 मार्च को बुलाया था लेकिन वो नहीं आए और तब से ही उनका कोई पता नहीं है.

फिलहाल प्रोफेसर दंपति अपने घर से गायब है और कयास लगाए जा रहे हैं कि गिरफ्तारी के डर से ही दोनों गायब हुए हैं.

इतनी काली कमाई उगली कि खत्म नहीं हुई गिनती

EOW ने प्रोफेसर दंपति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कर लिया है. इतनी ज्यादा संपत्ति मिली है कि अभी तक अलग-अलग टीमें उसका आंकलन कर रही हैं.

मकान की नाप जोख के साथ और कहां-कहां इस प्रोफेसर दंपति ने काली कमाई जमा कर रखी है.

EOW की टीम इसका पता लगा रही है. सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज और मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी में पदस्थ रहते हुए प्रोफेसर तृप्ति गुप्ता ने कई अनियमितताएं की हैं.

इनकी डिग्री भी फर्जी होने की बात कही जा रही है. यह प्रोफेसर दंपति क्या अन्य फर्जीवाड़े में भी लिप्त हैं इसकी जांच की जा रही है. धनकुबेर के तौर पर सामने आए इस प्रोफेसर दंपति की मुश्किलें दिनोंदिन बढ़ रही हैं.

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