बुध का स्वयं की राशि में गोचर करना युवाओं के लिए वरदान की तरह
Religious News. बुध का राशि परिवर्तन विशेष करके अपनी ही राशि में गोचर करना युवाओं के लिए वरदान की तरह है। सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं।
बुध और वाणी प्रदाता ग्रह बुध अब मिथुन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर गए हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब भी बुध ग्रह का राशि परिवर्तन होता है तब इस सीधा प्रभाव व्यापार, वाणी, शेयर मार्केट पर होता है।
बुध ग्रह कर्क राशि में 31 जुलाई तक रहेंगे। बुध के राशि परिवर्तन से वैसे तो सभी राशि के जातकों पर प्रभाव पड़ेगा लेकिन कुछ खास राशियों के जातकों पर यह राशि परिवर्तन शुभ साबित हो सकता है।
मिथुन राशि
इस राशि के जातकों के लिए बुध का राशि परिवर्तन अच्छा रिजल्ट लेकर आएगा। इस राशि में बुध का राशि परिवर्तन कुंडली के दूसरे स्थान पर हुआ है। कुंडली का दूसरा स्थान धन और वाणी का स्थान कहा जाता है।
ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए अचानक धन की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। कारोबार में अच्छी सफलताएं प्राप्त होने के संकेत हैं। कोई अच्छी डील हासिल हो सकती है। राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए बुध आर्थिक पक्ष मजबूत करेंगे।
कन्या राशि
इस राशि के लिए बुध का राशि पर किसी वरदान से कम नहीं है। इनकम में अच्छा इजाफा होगा। समय-समय पर आपकी आमदनी में वृद्धि होगी।
जो जातक बिजनेस में कार्यरत है उनके लिए समय अच्छा रहेगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति से आपको अच्छा खासा हिस्सा मिलने के संकेत हैं।
तुला राशि
तुला राशि के लिए बुध का राशि परिवर्तन भाग्य में बढ़ोतरी के संकेत दे रहा है। आपकी कुंडली में बुध का गोचर दशम भाव में हुआ है। 10वां भाव बिजनेस और नौकरी का स्थान होता है।
नौकरी में आपको अच्छे प्रस्ताव आ सकता है। कारोबार में वृद्धि के अच्छे संकेत है। कार्यक्षेत्र में आपको मान-सम्मान प्राप्त होगा।
यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए कोई भी बड़ा कार्य आरंभ करना हो समय आपके पक्ष में आएगा। नौकरी में पदोन्नति तथा सम्मान वृद्धि होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
कर्क राशि
आपकी राशि में गोचर करते हुए बुध हर तरह से लाभदायक ही सिद्ध होंगे यद्यपि अधिक व्यय के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है किंतु कार्य व्यापार की दृष्टि से ये उत्तम रहेगा।
नौकरी में भी पदोन्नति तथा मान सम्मान की वृद्धि के संयोग। किसी भी तरह के नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो भी अवसर अनुकूल ही रहेगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी।