MP Education News – जल्द शुरू होंगे स्थानीय भाषाओं में प्रोफेशनल कोर्स- केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान

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बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रोफेशनल एजुकेशन में स्थानीय भाषाओं के इंटीग्रेशन और स्थानीय भाषाओं में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।

केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार, 16 नवंबर को शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक की है। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रोफेशनल एजुकेशन में स्थानीय भाषाओं के इंटीग्रेशन और स्थानीय भाषाओं में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।

प्रधान ने ट्वीट कर बताया कि स्थानीय भाषाओं में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने पर टास्क फोर्स की रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते हुए, हम #NEP2020 के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा में स्थानीय भाषाओं के अधिक एकीकरण की ओर देख रहे हैं। एनईपी 2020, 21वीं सदी के भारत की नींव रखेगी।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में जानकारी दी कि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। नई शिक्षा नीति से जुड़ी कई पहल पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, जिनमें और भी बहुत कुछ शामिल है। फास्ट-ट्रैकिंग कार्यान्वयन के लिए आगे की राह पर भी चर्चा की।

प्रधान ने लिखा कि भविष्य की दृष्टि, स्थानीय जुड़ाव और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ, हम एनईपी के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने और एक अधिक जीवंत शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा- जेईई मेन 2021 को 13 स्थानीय भाषाओं में आयोजित किया गया था, जिसमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल और तेलुगु शामिल हैं। जबकि मेडिकल प्रवेश- नीट 2021 को 11 स्थानीय भाषाओं में आयोजित किया गया था। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू आदि शामिल हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।