दरअसल न्यूज़18 ने सबसे पहले अरुण यादव के चुनाव नहीं लड़ने की दिखाई थी. कांग्रेस पार्टी के खंडवा सीट को लेकर कराए गए इस सर्वे में अरुण यादव जिताऊ उम्मीदवार के रूप में आए थे. बावजूद इसके अरुण यादव के नाम पर मुहर लगने में हो रही देरी पर न्यूज़18 ने सबसे पहले बताया था कि अरुण यादव के नाम को लेकर पार्टी के अंदर मतभेद हैं. न्यूज़18 ने बताया था कि खंडवा सीट पर मजबूत दावेदार होने के बावजूद अरुण यादव का टिकट तय नहीं है और अरुण यादव पार्टी नेताओं के दबाव के कारण चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर सकते हैं. देर रात अरुण यादव ने न्यूज18 की खबर पर मुहर लगाते हुए साफ कर दिया कि वह पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ेंगे.
कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस गहराया
खंडवा सीट पर आप कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस गहरा गया है. रविवार को कमलनाथ ने अपने निवास पर उपचुनाव को लेकर लगातार बैठक की. खंडवा सीट को लेकर भी लंबा मंथन चला है कमलनाथ देर रात दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं बताया जा रहा है कि खंडवा समेत बाकी बची 2 विधानसभा सीटों के लिए दिल्ली में प्रत्याशी के नाम को लेकर मंथन होगा. उसके बाद पार्टी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करेगी. खंडवा सीट पर अरुण यादव के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान के बाद पार्टी किसी नए चेहरे को अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है.
निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा की पत्नी का भी नाम सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है. कांग्रेस पार्टी सुरेंद्र सिंह शेरा की पत्नी या फिर किसी नए चेहरे को उपचुनाव के मैदान में उतार सकती है.
बीजेपी के लिए अच्छी खबर
खंडवा सीट पर अरुण यादव बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले साबित हो रहे थे. अरुण यादव के उप चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान पर बीजेपी की उपचुनाव में जीत आसान हो सकती है.
बहरहाल खंडवा लोकसभा सीट का चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा संदेश देने वाला है ऐसे में अरुण यादव का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कांग्रेस पार्टी को कितना भारी साबित होगा यह उपचुनाव के नतीजों के बाद ही पता चलेगा.


