सीएम ने कहा उनका संकल्प है कि अपना सम्पूर्ण सामर्थ्य देते हुए एक-एक क्षण प्रदेश के विकास के लिए लगाएंगे। पूरी क्षमता से कार्य कर प्रदेश की सेवा में संलग्न रहेंगे। कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और समृद्ध एवं आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए प्रयासों की पराकाष्ठा करेंगे। पूरा विश्वास है कि जनता की भागीदारी, इन प्रयासों को सफल बनाएगी।
दीपोत्सव पर उन्होने कहा कि चीन या अन्य देशों में बनी सामग्री और पटाखों का उपयोग न कर हमारे अपने कारीगरों के परिश्रम को सम्मान देते हुए स्वदेशी दीए और मूर्तियाँ उपयोग में लाई जाएँ। मिट्टी के दिए जलाने से हमारी त्यौहार मनाने की पुरानी परम्परा का ही निर्वाह नहीं होता बल्कि आमजन की इस पहल से छोटे-छोटे माटी शिल्पियों की जीविका को भी लाभकारी बनाने में मदद मिलती है। हमारे ऐसा करने से कुम्हारों को आर्थिक और मानसिक संबल मिलता है। कोई शक नहीं कि हमारे इन्हीं प्रयासों से कारीगरों की दीपावली भी सार्थक हो जाती है।


