MP News – कोविड के नए वेरिएंट के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ली कैबिनेट की आपातकाल   मीटिंग; हुए महत्वपूर्ण निर्णय

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री भी रहे मौजूद

– प्रदेश में किसी भी प्रकार के धरना प्रदर्शन आगामी आदेश तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे।- किसी भी प्रकार के धरना प्रदर्शन की इजाज़त फिलहाल नही दी जाएगी।- 50% क्षमता के साथ स्कूल खुलेंगे, 6 दिन में से 3 दिन बच्चे स्कूल में पढ़ने जाएंगे।- स्कूलों और कॉलेजों की ऑनलाइन कक्षाएं फिर से शुरू कर रहे हैं।

– बिना मास्क वालों पर चालानी कार्यवाही होगी, रोको-टोको अभियान फिर से शुरू किया जायेगा।

– निजी संस्थानों में वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने पर ही प्रवेश मिलेगा।

– समस्त कार्यालय नई गाइडलाइन आने तक 100 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले रहेंगे।

– शादियों में अधिकतम दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 200 लोग रहेंगे मौजूद।

कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला

सीएम शिवराज का बयान

स्कूल 100 फीसद तादाद की जगह 50% तादाद के साथ ही संचालित होंगे

स्कूल ऑनलाइन क्लास बंद नहीं करेंगे, ऑनलाइन क्लास जारी रहेंगी

कल से लागू होगी नई व्यवस्था नए वेरिएंट B.1.1.1.529 को OMICRON नाम दिया गया है,

वायरस वापस आ गया है, इस बार अधिक ऊर्जा, रणनीति और छलावरण के साथ।

इस बार हमें खांसी नहीं होगी, बुखार नहीं होगा, जोड़ों का दर्द नहीं होगा, बस कमजोरी होगी,
भूख न लगना और कोविड निमोनिया होगा!
बेशक, मृत्यु दर अधिक है, चरम पर पहुंचने में कम समय लगता है। कभी-कभी कोई लक्षण नहीं… आइए सावधान रहें…

यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसका अर्थ है कि अवधि कम हो जाती है।

बहुत से रोगियों को बिना बुखार के देखा है, लेकिन एक एक्स-रे रिपोर्ट में मध्यम छाती का निमोनिया दिखाई देता है!

COVID19 के लिए अक्सर नेज़ल स्वैब नकारात्मक होता है!

वायरस सीधे फेफड़ों में फैलता है जिससे वायरल निमोनिया के कारण तीव्र श्वसन संकट होता है! यह बताता है कि यह तीव्र और अधिक घातक क्यों हो गया है !!!

सावधान रहें, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, फेस मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं।

लहरें पहले से ज्यादा घातक। इसलिए हमें बहुत सावधान रहना होगा और हर सावधानी बरतनी होगी।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।