MP News – प्रदेश में दीपावली, क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए गाइडलाइन जारी, यहाँ देखें

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* भोपाल, इंदौर समेत 21 शहरों में दो घंटे फोड़ सकेंगे सिर्फ ग्रीन पटाखे

* ग्वालियर और सिंगरौली में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध

मप्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश के आधार पर दीपावली पर पटाखों की परमिशन के लिए 2020 के नवंबर महीने की हवा के औसत स्तर को आधार बनाया है। पिछले साल जिन शहरों में पटाखों के कारण प्रदूषण घातक स्तर पर पहुंच गया था, वहां इस बार नई गाइडलाइन जारी की गई है।  दीपावली पर ग्वालियर और सिंगरौली में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत 21 शहरों में ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

दीपावली पर भोपाल, कटनी, हरदा, धार, रतलाम, रायसेन, इंदौर, नीमच, उज्जैन, सागर, जबलपुर, होशंगाबाद, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दमोह, अनूपपुर, देवास, बुरहानपुर, बड़वानी और आलीराजपुर जिलों में सिर्फ रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। इन सभी शहरों में पिछले साल एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 100 से 200 के बीच था। ग्वालियर में एक्यूआई 248 और सिंगरौली 211 था, जो सांस लेने के लिए जोखिमपूर्ण यानी पुअर कैटेगरी में आता है।

रस्सी बम, लड़ी पर पूर्ण प्रतिबन्ध 
पीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी अच्युत आनंद मिश्रा ने बताया कि ग्रीन पटाखों के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन और नीरी ने वर्गीकरण जारी किया है। इसके मुताबिक ग्रीन पटाखों का ग्रीन फायरवर्क का हरा रंग का लोगो प्रिंट होना अनिवार्य है। इनमें फुलझड़ी, अनार, मेरून शामिल हैं। जबकि बेरियम सॉल्ट से बने और आपस में जुड़ी हुई लड़ी वाले पटाखे और रस्सी बम पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। न तो ये बनाए जा सकते हैं और न ही स्टोर और बेचे जा सकते हैं। पटाखों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि से ऑनलाइन बिक्री भी प्रदेश में प्रतिबंधित की गई है।

29 जिलों में पटाखों पर रोक नहीं 

विदिशा, खरगोन, सीहोर, छतरपुर, खंडवा, शिवपुरी, रीवा, सीधी, राजगढ़, बैतूल, सतना, पन्ना, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, शाजापुर, बालाघाट, निवाड़ी, गुना, झाबुआ, नरसिंहपुर, दतिया, मंडला, सिवनी, अशोकनगर, शहडोल, डिंडौरी, उमरिया, मंदसौर और आगर में पटाखों पर छूट रहेगी। पिछले साल दीपावली के महीने में यहां वायु गुणवत्ता संतोषजनक (100 एक्यूआई से कम) थी। नवंबर 2020 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार 29 जिले संतोषजनक श्रेणी में हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान 

  • जिन इलाकों में पटाखों पर प्रतिबंध नहीं है, वहां भी 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे।
  • अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थलों से 100 मीटर तक पटाखों पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा।
  • कम रोशनी, बिना धुएं और कम आवाज वाले पटाखे जैसे अनार, फुलझड़ी की अनुमति है।

क्रिसमस और न्यू ईयर की गाइडलाइन
क्रिसमस की पूर्व संख्या पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। इसी प्रकार न्यू ईयर 31 दिसंबर-1 जनवरी की मध्यरात्रि यानी रात 11:55 से 12:30 बजे तक पटाखों की परमिशन रहेगी।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।