मप्र। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के आधार पर आरएसएस आगामी रणनीति बनाएगा। 10 मार्च को चुनाव परिणाम आएंगे और इसके अगले दिन से यानी 11 मार्च से संघ अहमदाबाद में आगामी कार्यों की रूपरेखा तैयार करेगा। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों के साथ ही लोकसभा चुनाव की कार्ययोजना पर विचार विमर्श कर रणनीति बनाई जाएगी।
अहमदाबाद में 11 से 13 मार्च तक होने वाली संघ की प्रतिनिधि सभा की इस महत्वपूर्ण बैठक में शाखाओं के विस्तार से लेकर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर कई बड़े फैसले होंगे। मध्यप्रदेश से इस बार ज्यादातर लगभग 100 पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। संघ की यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है जब एक दिन पहले 10 मार्च को पांच राज्यों उत्तरप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा के नतीजे घोषित होंगे। बैठक में चुनावी नतीजों पर भी मंथन किया जाएगा, खासतौर पर उत्तर प्रदेश चुनाव पर सभी की नजरें लगी हैं।
दो साल बाद होगी बैठक
जानकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण के कारण संघ के प्रतिनिधि सभा की बैठक नहीं हो पा रही थी। दो साल बाद यह पहला मौका है जब कोरोना की दहशत कम हो गई है इसलिए ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इस बार तुलनात्मक रूप से ज्यादा प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा। संघ की स्थापना के वर्ष 2025 में 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसके लिए संघ ने देश के एक लाख केंद्रों तक विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके लिए सहयोगी संगठनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गो में निचले स्तर तक पैठ बढ़ाने का टारगेट रखा गया है।
मप्र के चारों प्रांतों की टोलियां और विभाग प्रमुख होंगे शामिल
पिछले साल प्रतिनिधि सभा की बैंगलुरू बैठक में कुल 500 लोगों को ही बुलाया गया था। ज्यादातर सदस्य बैठक से वर्चुअली ही जुड़े थे। बैठक में संघ के 1490 सदस्य भाग लेते हैं, इस बार ऐसी स्थिति बन रही है कि मप्र से क्षेत्रीय प्रचारक दीपक विस्पुते, क्षेत्रीय कार्यवाह अशोक अग्रवाल, संघ चालक, सह कार्यवाह, चारों प्रांतों की टोलियां और विभागों के प्रमुख भी शिरकत करेंगे। इस तरह सभी प्रतिनिधियों की संख्या करीब 100 से अधिक होती है।


