MP News – मप्र के मिशनरी स्कूल में छात्रों के धर्मांतरण की खबर पर बवाल, हिंदू संगठनों ने की तोड़फोड़

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धर्मांतरण के विवाद को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम कर दिए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूल पर पत्थरबाजी भी की गई, इससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

विदिशा जिले के गंजबासौदा के एक मिशनरी स्कूल में विगत दिनों कथित तौर पर हुए धर्मांतरण के मामले को लेकर सोमवार को एक बार फिर हंगामा, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी होने की घटना सामने आई है।

हालांकि पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है। दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्कूल पर आठ बच्चों का धर्मांतरण किए जाने का आरोप लगाया था। हालांकि, स्कूल ने इन आरोपों से इंकार किया है।

पुलिस ने बताया कि स्कूल परिसर में हंगामे और संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप के बाद अज्ञात लोगों पर आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

आरोपियों की पहचान की जा रही है। धर्मांतरण के विवाद को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम कर दिए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूल पर पत्थरबाजी भी की गई, इससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

जिस वक्त यह घटना हुई उस समय छात्र परीक्षा के लिए स्कूल में ही मौजूद थे।

बच्चों से दूसरे धर्म की प्रार्थना करवाने का आरोप
हालांकि, विश्व हिंदू परिषद ने किसी भी हिंसक गतिविधियों से इंकार किया है। संगठन के सदस्य निलेश अग्रवाल ने बताया कि स्कूल के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया जा रहा था, इसके बाद स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि स्कूल में गरीब बच्चों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। बच्चों को तिलक लगाने और कलावा पहनने को मना किया जा रहा है।

इसी की जांच के लिए हफ्ते भर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। उन्होंने स्कूल पर बच्चों से दूसरे धर्म की प्रार्थना करवाने का भी आरोप लगाया है।

जांच की मांग
वहीं, स्कूल की ओर से धर्मांतरण के आरोपों से साफ इंकार किया गया है और कुछ यूट्यूब चैनल द्वारा झूठी खबर फैलाकर दो समुदायों के बीच माहोल खराब करने की भी बात कही गई है।

स्कूल ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने और झूठी खबर प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। स्कूल के प्रिंसिपल ने धर्मांतरण के आरोपों को झूठा बताया और प्रशासन से कर्मचारियों को सुरक्षा देने की मांग की है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।