National News – अब जानवर महामारी की जकड़ में, इंसानों के बाद अब कुत्ते और बिल्लियों में भी मिला कोरोना का अल्फा वैरिएंट- रिसर्च

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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इंसानों के बाद अब कोविड-19 जानवरों के लिए भी एक गंभीर बीमारी बन गई है। एक नई रिसर्च में पता चला है कि पालतू जानवर भी सोर्स-कोव-2 के अल्फा वैरिएंट संक्रमित हो सकते हैं। गौरतलब है कि पहली बार अल्फा वेरिएंट दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में पाया गया था और इसे आमतौर पर यूके वेरिएंट या B.1.1.7.1 के नाम से भी जाना जाता है।

वेटरनरी रिकॉर्ड जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि कोरोना का अल्फा वेरिएंट घरेलू पालतू जानवरों में पाया जा रहा है। स्टडी में पाया गया है कि दो बिल्लियां और एक कुत्ता पीसीआर परीक्षण में सकारात्मक पाए गए, जबकि दो अतिरिक्त बिल्लियों और एक कुत्ते में हृदय रोग के लक्षण विकसित होने के दो से छह हफ्ते बाद एंटीबॉडी दिखाई दीं।

इन पालतू जानवरों के कई मालिकों ने अपने पालतू जानवरों के बीमार होने से कई हफ्ते पहले श्वसन संबंधी लक्षण विकसित किए थे और उन्होंने कोविड -19 के लिए भी सकारात्मक परीक्षण किया था। इन सभी पालतू जानवरों में गंभीर मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों की सूजन) सहित हृदय रोग की तीव्र शुरुआत देखी गई थी।

अध्ययन के प्रमुख लेखक लुका फेरासिन, डीवीएम ने कहा, “हमारा अध्ययन कोविड -19 अल्फा संस्करण से प्रभावित बिल्लियों और कुत्तों के पहले मामलों की रिपोर्ट करता है और हाइलाइट करता है कि साथ रहने वाले जानवर सोर्स-कोव-2 से संक्रमित हो सकते हैं, जिससे पहले से अधिक जोखिम है।,”

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।