National News – एक झटके में 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला इस कंपनी ने, ज़ूम कॉल पर बताया कारण

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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कोविड-19 महामारी में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी गई थी. हालांकि, पिछले कुछ समय में हालात सामान्य होने के बाद नौकरी पेशा लोगों की जिंदगी वापस पटरी पर आने लगी है.

लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे जानकर लोगों की चिंताएं बढ़ सकती है. दरअसल, एक कंपनी ने अपने यहां काम करने वाले 900 कर्मचारियों को एक साथ बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

दरअसल, बेटर डॉट कॉम के सीईओ विशाल गर्ग ने जूम कॉल पर ही अपने 900 कर्मचारियों को इस बात की जानकारी दी. सीईओ विशाल गर्ग ने कंपनी के ऐसा करने के पीछे कुछ कारण भी गिनाए.

सीईओ का यह वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. किसी भी कंपनी का अपने कर्मचारियों के प्रति इस तरह का रवैया चौंका देने वाला है.

900 कर्मचारियों को धोना पड़ा नौकरी से हाथ

विशाल गर्ग ने जूम कॉल पर अपने कर्मचारियों से बात करते हुए कहा कि अगर आप इस कॉल में हैं तो आप इस दुर्भाग्यशाली हैं क्योंकि कंपनी को बाजार के भारी दबाव के चलते कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं जो वो नहीं चाहती थी.

न्यूयॉर्क मुख्यालय वाली कंपनी के सीईओ विशाल गर्ग ने कहा कि मैं अपने करियर में दूसरी बार इस तरह की परिस्थिति का सामना कर रहा हूं. मुझे दुख है कि हम अपने 900 कर्मचारियों के साथ आगे काम नहीं कर पाएंगे.

2016 में हुई थी Better.com की शुरुआत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विशाल गर्ग ने 2016 में Better.com को शुरू किया था. विशाल ने जूम पर कहा कि निकाले हुए कर्मचारियों को चार हफ्तों का सेवरेंस, एक महीने के पूरे बेनेफिट और दो महीनों का कवर-अप मिलेगा, जिसके लिए हम प्रीमियम का भुगतान करेंगे. कर्मचारियों बेनेफिट से जुड़े सभी डिटेल को लेकर HR की तरफ से मेल किया जाएगा. जिसके बाद इन सबका प्रोसेस शुरू होगा. बता दें कि कंपनी के करीब 15% कर्मचारियों को लागत घटाने की कोशिश के तौर पर इन्हें काम से निकाला गया है.

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।